पति की लंबी उम्र की दुआ के लिए सारा दिन बिना अन्न-जल ग्रहण किए व्रत करने के बाद रात को चांद के दीदार के बाद अपने चांद के हाथ से पानी पीकर व्रत तोड़ा।
तड़के सुबह सरगी के साथ शुरू करवाचौथ का व्रत रात को पति के हाथ से पानी पीने के बाद ही टूटा। व्रत के दौरान पति की लंबी उम्र की दुआ की गई। वहीं दिन भर बाजारों में भी खरीदारों की रौनक रही।
करवाचौथ के दिन सुबह ही विवाहिति महिलाओं ने बाजार का रुख किया। कुछ जगहों पर तो महिलाओं का पूरा दिन सोलह शृंगार करने में निकाला।
वहीं कुछ जगहों पर युवतियों पर भी करवाचौथ का रंग खूब चढ़ा और उन्होंने ने भी हाथों में मेहंदी लगाई। करवाचौथ पर नए सूट और साड़ी की खरीदारी को पवित्र मानकर इस दिन को यादगार बनाने की भी कोशिश की गई।
बाजारों में तो जैसे महिलाओं का हुजूम था, सुबह से लेकर शाम तक महिलाओं ने बाजार में अपनी पंसद के हिसाब से खरीदारी की।
नवविवाहित जोड़ों के लिए यह दिन खास रहा। पहले करवाचौथ के व्रत पर पति से महंगे से महंगे उपहार की फरमाइश करना भी नहीं भूली।
पत्नी को उपहार में देने के लिए लोग गिफ्ट शाप और अन्य दुकानों से खरीदारी करते रहे। रात को चांद निकलते ही पत्नी ने छलनी में दिए को जलाकर पहले चांद को देखा और फिर अपने पति को उस छलनी में से चांद की तरह देख पति के हाथ से पानी पीकर व्रत तोड़ा।
इसके बाद पत्नी ने पति और सास के पांव छूकर सदा सुहागन रहने का आशीर्वाद लिया। पूरे परिवार ने इकट्ठे बैठ रात का खाना खाया।