नगर परिषद कठुआ के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चल रही खींचतान के बीच बुधवार को भाजपा के दो पार्षदों की ओर से एक और वीडियो जारी कर दिया गया है, जिसमें उन्होंने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी समेत प्रशासन पर आरोप लगाए हैं कि वे कानूनों में ढिलाई देकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। चेतावनी दी है कि यदि चौबीस घंटे के भीतर फ्लोर टेस्ट को लेकर विशेष बैठक नहीं बुलाई गई, तो जनता सड़कों पर होगी और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं उन्होंने दावा किया है नगर परिषद का नया अध्यक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों में से ही होगा।
जारी विडियो में वार्ड 11 के पार्षद कर्ण सिंह जंवाल ने कहा कि 12 जुलाई को अध्यक्ष नरेश शर्मा और उपाध्यक्ष रेखा कुमारी के खिलाफ 12 पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। कहा कि तय नियम के अनुसार नगर परिषद अध्यक्ष को सात दिन तो वहीं अगले तीन दिन के भीतर मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पास विशेष बैठक बुलाने का प्रावधान है लेकिन दस दिन बीतने के बाद भी न तो नगर परिषद अध्यक्ष ने और न ही नगर परिषद कठुआ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने विशेष बैठक को लेकर अधिसूचना जारी की है।
वार्ड बीस के पार्षद रवींद्र पठानिया ने कहा कि नए कानूनों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद अध्यक्ष के पास विशेष बैठक के लिए सात दिन का समय होता है, लेकिन नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने दस दिन का समय दे दिया। इस अवधि के बीतने के बाद भी बैठक नहीं बुलाई जा रही है। कहा कि पार्षदों को धमकाया जा रहा है। परिवार के सदस्यों से संपर्क किया जा रहा है। ऐसे में अधिक समय देकर प्रशासन और अधिकारी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। मांग की है कि नगर परिषद कठुआ तत्काल विशेष बैठक के लिए अधिसूचना जारी करे।