रावी दरिया पर तस्करी के रूट सील करवाती पुलिस। संवाद
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बड़े पैमाने पर अवैध रूप से पंजाब में जा रही जम्मू कश्मीर की खनिज संपदा
कठुआ। जम्मू-कश्मीर और पंजाब के सरहदी रावी दरिया में अवैध खनन को लेकर पुलिस ने आखिरकार कार्रवाई सुनिश्चित की है। रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर दरिया के बीचोबीच खनन कर पंजाब की ओर जाने वाले टिप्पर, ट्राले और ट्रैक्टर ट्रॉलियों के रास्ते को कठुआ पुलिस ने बंद कर दिया है।
इसके लिए दरिया में बने तस्करी के अवैध रूट पर जेसीबी की मदद से गहरे गड्ढे डाल दिए गए हैं। दरअसल जम्मू-कश्मीर पंजाब की सरहद पर कठुआ जिले के रावी दरिया के अधिकांश हिस्से में खनन पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके बड़े पैमाने पर रोजाना अवैध खनन हो रहा है। सिर्फ रावी ही नहीं बल्कि उज्ज दरिया में भी बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायतें सामने आ रही हैं। अंधेरा ढलने के बाद जिले के दरियाओं में खनन माफिया सक्रिय हो जा रहा है। तड़के तक दरियाओं का सीना छलनी कर लाखों टन माल रोजाना तस्करी कर पंजाब जा रहा है। कठुआ पुलिस को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रावी दरिया के अवैध तस्करी के दो मुख्य रूट सील कर दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक रोजाना अंधेरा ढलने के बाद रातभर पंजाब से आए वाहन जम्मू-कश्मीर की संपदा का दोहन करते और अवैध रूप से इसे दरिया के बीचों बीच से पंजाब की ओर ले जाते थे। दरिया के बीच मौजूद होने के चलते तस्कर दो राज्यों की सरहद का भरपूर फायदा उठा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई सुनिश्चित की है। सिटी थाना प्रभारी संदीप चिब ने बताया कि अवैध खनन और तस्करी के दो रूट सील किए गए हैं।
सौ फुट से भी ज्यादा गहरे हो चुके हैं रावी दरिया के जख्म, उज्ज के हालात भी अच्छे नहीं : जिले में अवैध खनन का सिलसिला नया नहीं है। पिछले लगभग डेढ़ दशक से अवैध खनन का कारोबार जारी है। रावी दरिया की रेत को सोना कहा जाता है। यही वजह है कि इसकी उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में भारी मांग है। यहां से किया गया खनन राजस्थान तक बिकता है। पिछले डेढ़ दशक में रावी दरिया के कई हिस्से ऐसे हैं, जहां अवैध खनन से सौ फुट गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं। दरिया से सटे इलाकों में भू-जलस्तर गिरने का बड़ा कारण अवैध खनन है।