मौनी अमावस्या के मौके पर ऐरवां में स्नान करते हुए। स्त्रोत संवाद
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बिलावर। मौनी अमावस्या के पावन पर्व को क्षेत्र के लोगों ने बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया। इस अवसर पर इलाके की पवित्र नदियों, विशेष रूप से गुप्त गंगा और गुरु नाल पर श्रद्धालुओं ने तड़के सुबह पांच बजे से स्नान शुरू कर दिया।
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की। पंडित राधा कृष्ण शास्त्री ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के पाप मिट जाते हैं और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। इस पवित्र स्नान से मोक्ष की कामना भी पूरी होती है। इस दिन को ऋषि मुनियों की तपस्या और साधना का प्रतीक माना जाता है। ब्राह्मणों ने इस अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किए, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।