कठुआ। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ की ओर से स्कास्ट जम्मू के उपकुलपति डॉ. बीएन त्रिपाठी के नेतृत्व और डॉ. निदेशक (विस्तार) अमरीश वैद के मार्गदर्शन में आर्या परियोजना के तहत खरोटा पंचायत के गांव गगरेट में ऑयस्टर मशरूम की खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस मौके पर केंद्र प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि जिले की बेरोजगार कृषक महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें कृषक महिलाओं की कृषि आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कृषि में युवाओं को शामिल करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ओएस्टर मशरूम की खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। बताया कि उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 से अधिक महिला किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ऑयस्टर मशरूम उत्पादन में कृषक महिलाओं के कौशल को विकसित करना है ताकि वे नौकरी ढूंढने की बजाय नौकरी प्रदाता बन सकें और अपनी आजीविका को अच्छे ढंग से चला सकें। परियोजना की नोडल अधिकारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक (पौधा संरक्षण) डॉ. अनामिका जम्वाल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों का स्वागत किया और कृषक महिलाओं के कौशल विकास में कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऑयस्टर मशरूम की विधि. स्वास्थ्य लाभ, प्रसंस्करण और मशरूम उत्पादन इकाई चलाने के तरीके के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने मशरूम उद्यम से संबंधित अपना अनुभव भी साझा किया। कृषक महिलाओं के लिए ऑयस्टर मशरूम का व्यावहारिक प्रशिक्षण और व्यावहारिक प्रदर्शन आयोजित किया गया। परियोजना के क्षेत्र सहायक अमित कुमार ने प्रतिभागियों को अपनी स्वयं की मशरूम इकाइयां स्थापित करने और अधिक आय उत्पन्न करने के लिए मशरूम उगाने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक प्रतिभागी नीलम बंद्राल ने कार्यक्रम के प्रति रुचि और उत्साह व्यक्त किया और भविष्य में भी उद्यमिता विकास के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा। कार्यक्रम का आयोजन सहारा जागृति मंच (एनजीओ), कठुआ के सहयोग से किया गया था।