रामलीला मैदान में मंचित की जा रही रामलीला में सीता से विवाह के लिए पूरे शहर से बारात आई। इसके साथ ही अयोध्यापुरी पहुंचे ही राम के साथ सीता और तीनों भाईयों को भव्य स्वागत किया गया। पूरा माहौल किसी भी भव्य राजशाही शादी से कम नहीं था।
रविवार की दोपहर राम नाटक सभा के कलाकारों ने पूरे शहर से बारात निकाली। अयोध्या से आई बारात में शहरवासियों ने भी हिस्सा लिया और ढोल नगाड़ों के साथ झूमते नाचते लोगों के पहुंचने पर विवाह की सभी रस्मों को पूरा किया गया। इसके बाद बारातियों ने खाना खाया और जमकर नृत्य भी।
घोड़ों पर सवार प्रभु श्रीराम का रूप धरे कलाकारों ने चरित्र को बखूबी पेेश किया। इसके बाद कन्यादान के साथ साथ सात फेरों की रस्म निभाई गई। सभी रस्मों को पूरा करने के बाद बारातियों के साथ दशरथ और सभी अन्य युवराज अयोध्या के लिए रवाना हुए।
जहां पर राम और तीनों भाइयों का भव्य स्वागत किया गया। तीनों रानियों ने चारों पुत्रों के साथ कुलवधू का स्वागत किया और पुष्पवर्षा ने माहौल को सुगंधित कर दिया। इसके बाद राजा दशरथ ने राजपाठ त्यागने का फैसला लिया। पूरे दृश्य को दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा। राम आरती के बाद सभी अपने घरों को लौटे।