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Kathua News: नैनो यूरिया नहीं तो खाद नहीं कहने वाले डीलरों के लाइसेंस होंगे रद्द

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मंत्री के समक्ष समस्या बताता किसान संवाद
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कठुआ। घाटी क्षेत्र में किसानों को आधुनिक जानकारी और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए आयोजित किसान मेले में मंगलवार को खाद की बोरी के साथ जबरन नैनो यूरिया की बोतल थमाने की शिकायत मुट्ठी जगीर के किसान ने कृषि मंत्री जावेद अहमद डार से की। मंत्री ने तत्काल मामले की जांच का आदेश दिया। साथ ही कहा कि ऐसे डीलरों के लाइसेंस रद्द किए जाएं।
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किसान अजय शर्मा ने डीएपी खाद की बोरी लेने के दौरान डीलरों द्वारा नैनो यूरिया लेने के लिए मजबूर किए जाने का मामला सीधे जम्मू-कश्मीर के कृषि मंत्री जावेद अहमद डार के सामने उठाया। उन्होंने बताया कि 650 रुपये कीमत वाली इस नैनो यूरिया से उन्हें कोई लाभ नहीं होता लेकिन पिछले तीन वर्षों से हर सीजन में डीएपी या बीज के साथ इसे जबरन पकड़ाया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि इस वजह से उन्हें हर फसल सीजन में हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बता दें कि किसान मेले में विधायक राजीव जसरोटिया जब समारोह को संबोधित कर रहे थे तभी मुट्ठी जगीर के किसान अजय शर्मा नैनो यूरिया की बोतल हाथ में लेकर खड़े हो गए और अपनी समस्या मंत्री के सामने रखने की मांग की। बड़ी संख्या में मौजूद किसानों और अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस विरोध से करीब 20 मिनट तक हड़कंप मच गया। हालांकि मंत्री ने स्वयं किसान को मंच पर बुलाकर उसकी समस्या सुनी और कार्रवाई का आश्वासन दिया। मंत्री डार ने दो टूक कहा कि ऐसे डीलरों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे जो किसानों को उनकी मर्जी के बिना नैनो यूरिया दे रहे हैं।
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मंत्री जावेद अहमद डार ने मीडिया प्रतिनिधियों से कहा कि डीलरों द्वारा की जा रही इस जबरदस्ती की जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में किसानों को पर्याप्त खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए उनका कार्यालय लगातार केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संपर्क में रहता है। आपूर्ति में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के प्रयास भी जारी हैं।

विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी किया है जारी, फिर भी नहीं थम रही मनमर्जी

कृषि विभाग और इसके इंफोर्समेंट विंग के पास खाद या बीज के साथ जबरन नैनो यूरिया किसानों को थोपे जाने की शिकायतें पहली नहीं हैं। इस साल विभाग ने किसानों को सहूलियत बताते हुए हेल्पलाइन और अधिकारियों के नंबर भी जारी करवाए लेकिन डीलरों की मनमानी से किसान अब भी परेशान हैं। इसकी एक बानगी तो मंत्री के कार्यक्रम में साफ तौर पर देखने को मिली। पहले ही मौसम की मार झेल रहे किसानों इसे दोहरी मार बताते हैं जबकि डीलर इसे अपनी मजबूरी। खाद के संकट के बीच किसान भी मजबूर हो हैं।
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