रामकोट में तेंदुए के आतंक के बाद लगाया गया पिंजरा
रेंज अधिकारी संजीव वोगीया के नेतृत्व में टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए वीरवार को पंचायत काह में पिंजरा स्थापित किया
संवाद न्यूज एजेंसी,
रामकोट। तहसील के विभिन्न इलाकों में तेंदुए का खौफ दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। बुधवार रात्रि रामकोट में तेंदुए ने तीन भेड़ों और दो पालतू कुत्तों पर हमला कर उन्हें अपना शिकार बनाया। ग्रामीणों ने वन्य जीव विभाग से तेंदुए को पकड़ने और नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
बता दें कि तेंदुए के हमले से पशुपालकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। तेंदुए ने बुधवार की रात पंचायत काह के विपिन कुमार की एक भेड़, इसी पंचायत के श्यामलाल की भेड़, पंचायत कुनू निवासी अजीत सिंह की पशुशाला में बंधी एक भेड़ और पंचायत काह के सनोती इलाके में मक्खन लाल और कछेड़ के सागर सिंह के पालतू कुत्तों को मौत के घाट उतार दिया। वहीं, अपर रजवालता निवासी पशुपालक दीवान चंद ने वन्य जीव विभाग के कंट्रोल रूम नगरोटा गुजरु में एक सप्ताह पूर्व रेंज अधिकारी को तेंदुआ द्वारा दो भेड़ों को मारने की सूचना दी थी और मुआवजे की मांग की थी।
तेंदुए के दिन-ब-दिन बढ़ते हमलों से पशुपालकों में दहशत का माहौल है। बता दें कि इससे पहले स्थानीय रामकोट निवासियों ने रामकोट के वार्ड आठ कोड़ीथीयाल में स्थानीय लोगों ने तेंदुआ दिखने की सूचना वन्य जीव विभाग को दी थी। इस पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने वहां पिंजरा लगाया था, लेकिन तेंदुआ काबू में नहीं आया। वन्य जीव विभाग के नगरोटा गुजरु कंट्रोल रूम के अंतर्गत आते इलाके गढ़ मोड़ा रजुआ में भी कुछ दिन पहले कुलदीप कुमार के पालतू कुत्ते को भी तेंदुआ अपना शिकार बनाया था। उनकी एक भेड़ को भी तेंदुए ने निवाला बना लिया था।
10 दिन पूर्व गढ़ मोड़ा लाह के बशीर अहमद ने बताया था कि तेंदुए ने उनकी पशुशाला में बंधी भेड़ को मार डाला था। वहीं तेंदुए के बढ़ते हमलों को देखते हुए वन्य जीव विभाग के जिला अधिकारी जहैव चौधरी के निर्देशों पर रेंज अधिकारी संजीव वोगीया के नेतृत्व में टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए वीरवार को पंचायत काह में पिंजरा स्थापित किया। विभाग के कर्मचारी रत्नचंद ने पशुपालकों को तेंदुए के हमले से बचने के लिए जरूरी एहतियात बरतने को कहा है। वहीं लोगों को पटाखे वितरित किए गए ताकि हमला करने की सूरत में वे तेंदुए को भगा सकें।