अतिआवश्यक मामलों में ही अधिवक्ता न्यायालयों में हो रहे हाजिर
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) शहर से दूर नगरी स्थित आबकारी इमारत में स्थानांतरित करने के जिला प्रशासन के प्रस्तावित निर्णय के खिलाफ वकीलों ने चौथे दिन भी न्यायालय के कामकाज को ठप रखा। हालांकि अतिआवश्यक मामलों में अधिवक्ता न्यायालयों में हाजिर हो रहे हैं।
बता दें कि बीती 28 जून से ही अधिवक्ताओं ने एक बैठक कर सामूहिक रूप से निर्णय लेकर न्यायालय के कामकाज को ठप रखने की घोषणा की थी। जो शुक्रवार तक रहेगी। यह हड़ताल जिला न्यायालय परिसर के नजदीक एक निजी इमारत में चल रहे जेजीबी को नगरी स्थित 15 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने के जिला प्रशासन के प्रस्तावित निर्णय के खिलाफ की जा रही है। जिसमें वकीलों का मानना है कि जिला प्रशासन का यह निर्णय उचित नहीं है। लिहाजा जिला प्रशासन को इस निर्णय को वापिस लेना चाहिए।
वकीलों का कहना है कि 200 किलोमीटर दूर बिलावर, बसोहली और बनी के दूरदराज इलाकों से न्याय पाने के लिए आने वाले फरियादियों को दिक्कतों का सामना करने पड़ेगा। लिहाजा जिला प्रशासन को अपने प्रस्तावित निर्णय को रद्द कर मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। प्रदर्शनकारी वकीलों का आरोप है कि आरोप शहर से 15 किलोमीटर दूर नगरी स्थित जाकर न केवल अधिवक्ताओं को किशोर न्याय बोर्ड के मामलों में पैरवी करने में मुश्किल आएंगी, बल्कि वहां उचित यातायात की व्यवस्था न होने से मुव्वकिलों को परेशानी उठानी पड़ेगी। बीती मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर के प्रवेशद्वार पर सैंकड़ों वकीलों ने जमा होकर जोरदार प्रदर्शन किया था। जिसके बाद से लगातार न्यायालय के कामकाज को ठप रखा गए है।