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Kathua News: भूस्खलन की मार... बेबस हैं समूद गांव के परिवार

Fri, 22 Aug 2025 01:31 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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समूद गांव में घरों में आ रही दरारें दिखाते स्थानीय लोगसंवाद
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कठुआ। समूद गांव के गरीब परिवारों की जिंदगी इन दिनों भूस्खलन की मार से जूझ रही है। बीते पांच दिनों से गांव के लगभग 10 घरों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं और हर बीतता दिन इन दरारों को और खतरनाक बना रहा है। इन घरों में रहने वाले करीब 55 लोग अब भय और असुरक्षा के साए में जीने को मजबूर हैं।
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ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर तपके के छोटे किसानों में शामिल यहां के निवासियों ने अपनी पूरी जमा पूंजी जोड़कर मकान बनाए थे। अब जब जमीन ही खिसक रही है तो उनके सपनों की नींव भी दरक रही है। समूद गांव के ग्रामीणों की मुसीबत सिर्फ दरारों की नहीं, बल्कि टूटते भरोसे की भी है।
निदान चंद, जिनका घर सबसे पहले दरकने लगा था। बताया कि हमने खून-पसीने से ये घर बनाया था। अब हर रात डर लगता है कि कहीं दीवार गिर न जाए। बच्चों को लेकर बाहर सोने की नौबत आ गई है। अशोक कुमार और प्रीत कुमार जैसे कई अन्य परिवार भी इसी संकट से जूझ रहे हैं। पवन कुमार और प्रेम चंद ने बताया कि उन्होंने प्रशासन को कई बार सूचित किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि हमने अधिकारियों को बुलाया, तस्वीरें दिखाईं, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। मदद नहीं।
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सोहन लाल के घर के पास की जमीन पूरी तरह खिसक चुकी है। बताया कि गांव के बच्चे अब स्कूल जाने से डरते हैं, क्योंकि रास्ता भी असुरक्षित हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि यह संकट सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि एक मानवीय त्रासदी बन चुका है। प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली है। गांव वाले अब सामूहिक रूप से एक ज्ञापन तैयार कर रहे हैं, ताकि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग तक उनकी आवाज पहुंचे।
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