जिला कठुआ में लाडली बेटी और आसरा योजना रविवार को समाज कल्याण मंत्री बाली भगत द्वारा लांच की गई। कार्यक्रम में बेटियों को बैंक खाते की कापी के साथ प्रमाण पत्र भी सौंपे गए।
योजनाओं के बारे में बताते हुए बाली भगत ने कहा कि राज्य में लाडली योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है।
इसके लिए राज्य के आठ जिलों को चुना गया। उन्होंने कहा कि इन जिलों में लिंग अनुपात कम होने के कारण इस योजना को लांच किया गया।
उन्होंने बताया कि सात जिलों में पहले से ही इस योजना को लांच किया गया है। कठुआ आखिरी जिला है और जहां पर आज योजना को लांच कर बेटियों को सच में लक्ष्मी बनाने की ओर कदम बढ़ाया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार कम होते महिला लिंग अनुपात के लिए चिंतित है। इसलिए सोनोग्राफी को रोकने के लिए भी प्रयास कर रही है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आसरा योजना के तहत प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान एमओएस आसिया नक्श ने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनता को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
ऐसे में लोगों को इन योजनाओं को अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विभाग के स्टेट मिशन निदेशक हशमत अली ने बताया कि जिला कठुआ में अब तक लाडली बेटी योजना के तहत 555 बेटियों का पंजीकरण हो चुका है।
वहीं आसरा योजना के तहत सोलह सौ लोगों का पंजीकरण हुआ है। कार्यक्रम में जिला अधिकारियों के साथ साथ आंगनवाड़ी वर्करों ने भी हिस्सा लिया।
लांचिग कार्यक्रम के दौरान जिला के विभिन्न आईसीडीएस ब्लाक के कर्मचारियों ने लोकगीतों और लघु नाटक पेश पर बेटी बचाने का संदेश दिया।
जिला सूचना विभाग की ओर से भी गीत प्रस्तुत कर बेटी बचाने का संदेश दिया गया। प्रस्तुतियों के दौरान बेटी को दो घरों की रोशनी कहा गया और उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने की अपील भी की गई।