कठुआ। मूलभूत सुविधाओं से वंचित जराई गांव के लोगों ने एक बार फिर प्रशासन से उनके गांव की सुध लिए जाने की मांग की है। शनिवार को डीसी कार्यालय पहुंची गांव की महिलाओं ने जिला प्रशासन से उनके गांव में व्याप्त पेयजल संकट सहित अन्य समस्याओं का जल्द समाधान किए जाने काम की मांग की।
डीसी कार्यालय पहुंची महिलाओं का नेतृत्व कर रही गांव की पूर्व सरपंच आराधना अंदोत्रा ने गांव में व्याप्त समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि हर क्षेत्र और पंचायत विकास की ओर बढ़ती जा रही है, लेकिन जराई एक ऐसी पंचायत है जहां स्थिति दिनों दिन बद से बदतर होती जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन के संज्ञान में होने के बावूजद करीब एक दशक से खस्ताहाल गांव की सड़क को दुरुस्त करने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। जिसके चलते वहां रहने वाली 5 हजार के करीब आबादी को खड्ड जैसे रास्ते से आना जाना पड़ता है। वहीं गर्मी के इस मौसम में पूरे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है और लोगों को अपनी पानी की जरूरत पूरी करने के लिए यहां-वहां भटकना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि गांव में जल जीवन मिशन के तहत अब तक सिर्फ पाइपलाइन बिछाने का काम किया गया है, लेकिन उसके आगे कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि लोगों ने योजना के तहत बनने वाले ओवरहेड टैंक के लिए खुद अपनी जमीन दी है। इसके अलावा पंचायत का कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद से गांव में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वहां से कचरा उठाने का काम भी बंद कर दिया गया है, जिससे हर और कचरे के अंबार ही नजर आते हैं।
पूर्व सरपंच ने कहा कि गांव में कचरे का डंपिंग स्टेशन बनाए जाने के लिए आज तक किसी जगह का निर्धारण नहीं किया गया है। हालांकि गांव की इन समस्याओं का निदान किए जाने की मांग वह कई बार प्रशासन से कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई एक भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। जिसके कारण यहां रहने वाले लोग मौजूदा समय से 20 साल पीछे के वक्त में जी रहे हैं। उन्होंने जराई गांव में रहने वाले लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान किए जाने की मांग करते हुए कहा कि अगर लोगों की इन लंबित मांगों की तरफ प्रशासन गंभीर नहीं होगा। तो आने वाले दिनों में लोग भड़क सकते हैं।