निजी बस किराए पर करके प्रवासी मजदूर जाते हुए अपने घर बिहार में
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महानपु। प्रवासी मजदूरों का जाना थम नहीं रहा जबकि महानपुर ,बसहोली बस के आसपास बसे प्रवासी मजदूर को प्रशासन द्वारा सही ढंग से जानकारी ना मिलने के चलते अब वह मजबूर होकर पैसे ना होते हुए भी निजी बस डेढ़ लाख किराए पर करके अपने घर बिहार के लिए रवाना हुए हालांकि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर बी अब इन लोगों को अपने-अपने घर पहुंचाने के लिए उचित कदम उठा रहा है लेकिन निचले स्तर पर उनको सही जानकारी ना मिलने के कारण प्रवासी मजदूर की चिंता बढ़ गई है। जरा तार प्रवासी मजदूर उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार के हैं। प्रवासी मजदूर मोहम्मद करीम विजय ,राजकुमार ,संतोषी ने बताया कि प्रशासन के पास अपने घर लौटने के लिए कई बार जा चुके हैं लेकिन उन्हें कोई भी सही जानकारी नहीं दी गई है जिसके चलते उन्हें चिंता सता रही है उन्होंने बताया कि बसहोली व अन्य इलाकों में भी प्रवासी मजदूर है ।उन्होंने बताया कि तहसील प्रशासन से कोई ठोस पहल ना करने के चलते मंगलवार को इन इलाकों उपरोक्त लोगो में रहे प्रवासियों ने एक निजी बस कराए पर की। उन्होंने बताया कि बस वाले ने डेढ़ लाख रुपया किराया लेकर उन्हें पहुंचाने का जिम्मा लिया जबकि कई प्रवासी मजदूरों ने अपने घरों से पैसे मंगवाए ताकि वह अपने घर पहुंच सके प्रवासी मजदूरों का कैहना है कि महानपुर इलाके से इस बस में केवल 9 लोग ही गए हैं बाकी सब बसहोली इलाके के हैं ।उन्होंने यह भी बताया कि महानपुर इलाके मे बाकी बचे 117 लोग भी अपने घर को जाना चाहते हैं जिसके लिए वह आज भी तहसील कार्यालय में गए हुए थे उन्होंने बताया कि हमारे पैसा नहीं है कि हम अपने खर्चे पर घर जा सके इसलिए उपरोक्त प्रवासियों ने जिला उपायुक्त से मांग की है कि उनके भेजने के लिए कोई ठोस पहल करें नहीं तो उन्हें पैदल घर जाने पर मजबूर होना पड़ेगा पड़ेगा ।