तीन फरवरी की रात महरोली से सटे एक कारखाने में चोरी के मामले में पुलिस पर मजदूरों ने बर्बरता बरतने का आरोप लगाया है। रविवार को बड़ी संख्या में कारखाने के मजदूरों ने इस मामले में हंगामा करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
रविवार को औद्योगिक इकाई के बाहर प्रदर्शन करते हुए बड़ी संख्या में मजदूरों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पिछले दो सप्ताह से लगातार कारखाने में काम करने वाले मजदूरों को परेशान किया जा रहा है।
प्रदर्शन करने वालों में शामिल शीतल कुमार ने कहा कि मामला पूछताछ तक था तो कर्मचारी और श्रमिक भी सहयोग कर रहे थे, लेकिन शनिवार रात दो मजदूरों को पुलिस उठाकर ले गई और थाने में उनकी जमकर पिटाई की गई।
उन्होंने कहा कि शक के आधार पर इस तरह उठाकर ले जाना और मारपीट कर जबरन गुनाह कबूल करवाना कानून का उल्लंघन है।
प्रदर्शन में शामिल आनंद शर्मा ने कहा कि बाहरी राज्यों से काम करने के लिए कारखाने में आए मजदूरों के प्रति पुलिस का रवैया तानाशाही से भरा हुआ है। हैरानी इस बात की है कि कारखाना प्रबंधन इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों को लखनपुर थाना प्रभारी ने समझाने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पुलिस कार्रवाई की उच्च अधिकारी जांच करें और थाना प्रभारी के खिलाफ बर्बरता अपनाने के लिए कार्रवाई की जाए। घायल मजदूरों का अस्पताल में इलाज करवाया गया। घायलों में कालूराम और अखिलेश उत्तर प्रदेश के निवासी बताए गए हैं।
कारखाना प्रबंधन ने साफ किया है कि उनकी ओर से चोरी की शिकायत पुलिस को दर्ज करवाई गई थी ऐसे में पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। उन्होंने कहा कि कारखाने से चौदह लाख की चोरी हुई जो बड़ा मामला है। हालांकि किसी भी कर्मचारी या श्रमिक का वेतन नहीं रोका गया है।