वर्ष 2014 में माइनिंग गार्ड के तौर पर खनन विभाग हासिल की थी नौकरी, बिना वेतन प्राप्त कर हासिल की थी पीजी की डिग्री
कठुआ। शहर के शिवानगर के रहने वाले कोमल कश्यप पंगोत्रा ने सीएसआईआर नेट-जेआरएफ परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। वर्तमान में जिला खनिज अधिकारी के कार्यालय में मिनरल सुपरवाइजर के पद पर तैनात कश्यप ने सरकारी नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई को भी समान तवज्जो देकर यह उपलब्धी हासिल की है। उन्होंने यह मुकाम, पृथ्वी विज्ञान (भूविज्ञान) में हासिल किया है।
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा में कुल आठ हजार 65 विद्यार्थियों ने नामांकन किया था। इसमें 5 हजार 470 विद्यार्थियों ने बीते 1 और 2 फरवरी को परीक्षा दी थी। जिसमें कोमल कश्यप पंगोत्रा ने पहला स्थान प्राप्त किया है।
भूविज्ञान विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देखने वाले कोमल का कहना है कि सफलता की कुंजी व्यक्ति की मेहनत से तय होती है। अगर किसी भी काम को मेहनत और निष्ठा के साथ किया जाए तो सफलता मिलना लाजिमी है। उन्होंने बताया कि स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद वर्ष 2014 में माइनिंग गार्ड के रूप में खनन विभाग में नौकरी मिली थी। जिसके बाद से उन्होंने नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई को उतनी ही तवज्जो दी सरकारी नौकरी को दी। उसी का ही परिणाम था कि उसने वर्ष 2017-19 में विभाग से बिना वेतन के छुट्टी लेकर क्लस्टर विश्वविद्यालय जम्मू से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। जिसके बाद ही वह इस परीक्षा को देने में सफल हो पाया। बीते वर्ष नवंबर में ही उसने नेट-जेआरएफ का फार्म भरा था और उसी महीने उसे माइनिंग गार्ड से पदोन्नति प्राप्त कर वह मिनरल सुपरवाइजर बना था। कोमल ने बताया कि भूविज्ञान विषय में ही उसके पिता सीनियर लेक्चरर के पद से शिक्षा विभाग से सेवानिवृत हुए है। उन्होंने ही हमेशा मुझे उच्च शिक्षा को जारी रखने के लिए प्रेरित किया है। क्योंकि वह घर में दो भाई-बहनों से बड़े है और पिता ने हमेशा ही मुझे उनका रोल मॉडल बनने के लिए प्रेरित किया है। जिसका नतीजा आज मेरे सामने है कि नौकरी करने के साथ-साथ, मेरा असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना भी साकार होता दिखाई दे रहा है। संवाद