वन सुरक्षा बल की ओर से पकड़ा गया खैर की अवैध तस्करी करता वाहन। संवाद
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वन सुरक्षा बल ने की कार्रवाई, कंडी इलाके से काटी जा रही लकड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ/हीरानगर। कठुआ प्रदेश में वन संपदा की तस्करी का बड़ा रूट बन चुका है। कोटपुन्नू मार्ग से खैर की लकड़ी की तस्करी धड़ल्ले से जारी है। वहीं, लखनपुर और कीड़ियां गंडियाल मार्ग को जलाऊ लकड़ी की तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
शिकायतें मिलने के बाद वन सुरक्षा बल की टीम ने तस्करी के कुछ मामलों का भंडाफोड़ किया है। सूत्रों के अनुसार कंडी इलाके में लगातार सामने आ रहे खैर की अवैध कटाई के मामलों के बाद इन्हीं रूट से आए दिन लकड़ी की बड़े पैमाने पर तस्करी की जा रही है।
कठुआ वन डिवीजन के तहत वन विभाग और वन सुरक्षा बल की टीम ने चार वाहनों को जब्त किया है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार मिश्रित जलाऊ लकड़ी के तीन वाहन (जेके02एएस-1237, एचपी62सी-0433, एचपी73-7753) को कीड़ियां गंडियाल वन चौकी पर जब्त किया गया, जबकि वाहन (जेके08एल-3936) को अवैध खैर के 35 लट्ठों के साथ बनियाड़ी हरियाचक में जब्त किया गया है। इन मामलों को भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 41, 42, एसओ 81/2020 और एसआरओ 111/2016 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए कठुआ और जसरोटा रेंज ऑफिस में दर्ज किया गया है। इसके लिए अधिकृत अधिकारी (डीएफओ) कठुआ के फोरम में कार्रवाई शुरू की गई है। विभाग के अनुसार आगे की जांच जारी है। उधर, पिछले कुछ महीनों में ही हीरानगर के विभिन्न इलाकों में खैर की लकड़ी की चोरी के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। सरकारी जमीनों से खैर की लकड़ी की पहले ही बड़े पैमाने पर कटाई हो चुकी है। वहीं, अब किसानों के खेतों से भी चोरी का प्रयास किया जा रहा है।