कठुआ स्थित कृषि विभाग के कार्यालय में बनाए गए आउटलेट में अपने उत्पाद के साथ पूजा देवी। स्रोत
पूजा देवी के मल्टीग्रेन आटे से बनी रोटियां लोगों को खूब भा रहीं
कठुआ। संकल्प मजबूत हो तो गांव की महिलाएं भी उद्यमिता की मिसाल बन सकती हैं। ऐसा उदाहरण हीरानगर के पथवाल गांव की पूजा देवी ने पेश किया है। उन्होंने अपने गांव में उगाए जाने वाले रासायनिक मुक्त अनाजों से मल्टीग्रेन आटा तैयार कर स्वास्थ्यवर्धक विकल्प प्रस्तुत किया है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में उनका यह कदम प्रेरणादायक है।
महिला स्वयं सहायता समूह ''''कृष्णा प्राइवेट लिमिटेड'''' की सदस्य पूजा देवी मौजूदा समय में बाजरा, ज्वार और रागी से भरपूर अनाज वाला आटा तैयार करती हैं। पूजा प्रतिमाह 4 से 5 क्विंटल आटा कृषि विभाग के आउटलेट ''''डुग्गर हट'''' और स्थानीय दुकानों पर 120 रुपये प्रति किलो की दर से बेच रही हैं।
आटे में इस्तेमाल किए गए सभी अनाज उनके गांव में ही उगाए गए हैं। यह पूरी तरह से जैविक और रसायन मुक्त हैं। इससे उपभोक्ताओं को शुद्ध उत्पाद मिलने के साथ स्थानीय कृषि को भी बढ़ावा मिल रहा है। पूजा देवी की यह पहल अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी प्रेरित कर रही है।
कोट
कृषि विभाग द्वारा डुग्गर हट पर बिक्री की सुविधा उपलब्ध कराना इस प्रयास को और भी सशक्त बना रहा है। इससे उत्पादकों को स्थायी बाजार मिल रहा है और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण स्थानीय उत्पाद उपलब्ध हो पा रहे हैं।
शिवानी शर्मा, महिला स्वयं सहायता समूह की नोडल अधिकारी
कृषि विभाग कठुआ।