कोहरे के मौसम में 50 मीटर तक घटने लगी दृश्यता
कठुआ। भीषण सर्दी और इस दौरान पड़ने वाली धुंध का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में सड़क पर दृश्यता कम होनी शुरू हो गई है। बीती रात से शुरू हुई ऐसी स्थिति के बाद शहर में सड़क को सुरक्षा के मद्देनजर लगाए गए स्टड ब्लिंकर के खराब होने से इनकी कमी अखरने लगी है। वहीं कालीबड़ी और हटली मोड़ में अभी हाल फिलहाल में की जाने वाली रोड मार्किंग की धुंधली पड़ने लगी है। ऐसे में शहर के लोगों की लाइफ लाइन इस सड़क पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हो रहे हैं।
दरअसल सड़क सुरक्षा समिति की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग ने पिछले वर्ष शहर की मुख्य सड़क पर स्टड ब्लिंकर लगाए थे। शहीदी चौक से लेकर कालीबाड़ी चौक तक ये ब्लिंकर रात में जुगनुओं की तरह चमकते थे जो घने कोहरे में भी वाहन चालकों को सही दिशा दिखाते थे। इनका उद्देश्य था कि अंधेरे या विपरीत रोशनी में गाड़ियों को मार्गदर्शन मिले और दुर्घटनाओं में कमी आए।
लगभग ढाई लाख रुपये की लागत से पहले चरण में कॉलेज रोड सहित कई हिस्सों पर स्टड ब्लिंकर लगाए गए थे। इन ब्लिंकरों ने अंधेरे में डिवाइडर से टकराने या सड़क से वाहन उतरने जैसी घटनाओं को रोकने में मदद की थी। सड़क सुरक्षा समिति ने इन्हें दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक बताया था।
मगर अब कॉलेज रोड पर लगाए गए ज्यादातर स्टड ब्लिंकर बंद हो चुके हैं। घने कोहरे के मौसम में जब दृश्यता कम हो रही है, तब इनका बंद होना वाहन चालकों के लिए खतरे का कारण बन सकता है। वहीं, सड़क पर बनाई गई सफेद लाइनें जो संकेतक के रूप में काम करती थीं। अभी से धुंधली होने लगी हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब दृश्यता लगातार कम हो रही है तो वाहन चालक सुरक्षित कैसे रहेंगे।
लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के लिए लगाए गए स्टड ब्लिंकर और संकेतक लाइनों का बंद होना या धुंधला पड़ना चिंता का विषय है। लिहाजा लोक निर्माण विभाग और प्रशासन जल्द ही इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें ताकि सर्दी और कोहरे के मौसम में यातायात सुरक्षित रह सके।
सड़क पर सुरक्षा के मद्देनजर लगाए गए स्टड ब्लिंकर जो सोलर एनर्जी से चलते हैं। इनके बंद होने का मामला संज्ञान में आया था। इसके बाद इसका निरीक्षण किया गया था। इसमें पाया गया कि स्टड ब्लिंकर के आसपास जमा होने वाली मिट्टी के कारण उनकी बैटरी चार्ज नहीं हो पा रही है। सोमवार को ही नगर परिषद के साथ इन ब्लिंकरों के आसपास सफाई करवाई जाएगी। अगर कही कोई ब्लिंकर खराब है तो उसे बदला भी जाएगा।
अविनाश गुप्ता, सहायक कार्यकारी अभियंता
लोक निर्माण विभाग, कठुआ