जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किया आदेश
कठुआ। अब जिले में मकान मालिकों, जमीन मालिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालकों को अपने किरायेदारों और बाहरी कामगारों का विवरण अनिवार्य रूप से पुलिस को देना होगा। जिला मजिस्ट्रेट कठुआ राजेश शर्मा ने राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आदेश जारी किया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है और दो माह तक प्रभावी रहेगा।
आदेश के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कठुआ ने इस आवश्यकता पर बल दिया था कि बाहरी लोगों की पहचान और विवरण दर्ज होना जरूरी है। क्योंकि कई बार असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्व किरायेदार या घरेलू सहायकों के रूप में छिपकर स्थानीय इलाकों में शरण लेते हैं। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने भी पहले चिंता जताई थी कि कुछ बाहरी परिवार अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कृषि भूमि किराए पर लेकर बस गए हैं और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मकान या दुकान किराए पर देने या सबलेट करने के बाद दस दिन के भीतर मालिक और किरायेदार दोनों के हस्ताक्षरयुक्त घोषणा पत्र संबंधित थाना प्रभारी (एचएचओ) को जमा करना होगा। जिन मकान मालिकों ने पहले से किरायेदार रखे हैं उन्हें भी तुरंत विवरण पुलिस स्टेशन में देना होगा।
यह आदेश पेइंग गेस्ट, वाणिज्यिक किरायेदार, कृषि भूमि किरायेदार और झुग्गी, अस्थायी बस्तियों पर भी लागू होगा। मकान मालिकों को इन सभी व्यवस्थाओं का विवरण देना अनिवार्य होगा। जिले के सभी एसएचओ बाहरी लोगों का सत्यापन करेंगे और अलग रजिस्टर बनाएंगे। वहीं तहसीलदारों को आदेश का प्रचार-प्रसार लंबरदारों, चौकीदारों और पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से विशेषकर सीमा गांवों में करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कठुआ को आदेश के पालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।