कठुआ। गांव सुमवां स्थित श्री नरसिंह भगवान मंदिर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आयोजित तीन दिवसीय श्री शिव कथा का शुभारंभ भक्तिभाव और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ हुआ। कथा के पहले दिन श्री आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी विकासानंद जी ने भगवान शिव की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया।
स्वामी जी ने कहा कि जिस प्रकार भगवान शिव ने गंगा को अपने शीश पर धारण किया उसी प्रकार हमें भी जल स्रोतों की पवित्रता बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए। स्वामी ने चिंता व्यक्त की कि आज जल स्रोत प्रदूषण की चपेट में हैं और देश के कई हिस्सों में स्वच्छ पेयजल की भारी कमी है। कार्यक्रम के अंत में महात्मा रमन और महात्मा सुनील द्वारा मधुर भजनों में शिव महिमा का गुणगान किया गया।