संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। त्योहारी सीजन में जहां बाजारों में रौनक और मिठाइयों की मिठास लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला रही है। वहीं मिठाई विक्रेताओं की पैकिंग चालबाजी उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रही है।
अधिक मुनाफा कमाने की होड़ में कई दुकानदार मिठाई के साथ गत्ते के डिब्बे का वजन जोड़कर ग्राहकों से अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं जो उपभोक्ता अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।
जानकारी के अनुसार इन दिनों मिठाई और ड्राई फ्रूट की बिक्री आकर्षक पैकिंग में की जा रही है। दुकानदार मिठाई को तौलते समय डिब्बे का वजन भी शामिल कर रहे हैं। इससे प्रति किलो मिठाई की कीमत में 100 से 150 ग्राम डिब्बे का भार भी जुड़ जाता है। ऐसे में ग्राहक को 1000 प्रति किलो मिठाई के साथ 150 तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। यह एक प्रकार की छिपी हुई ठगी है, जिसे आम उपभोक्ता समझ नहीं पाता। नियमानुसार, मिठाई का वजन केवल खाद्य सामग्री तक सीमित होना चाहिए और पैकिंग सामग्री का मूल्य अलग से लिया जाना चाहिए। यदि कोई दुकानदार मिठाई के साथ डिब्बे को तौलता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। नापतौल विभाग की निष्क्रियता और उपभोक्ता संरक्षण तंत्र की उदासीनता के चलते यह प्रथा खुलेआम जारी है। ऐसा तब है जबकि प्रशासन ने बाजारों की जांच के लिए विभिन्न विभागों की कमेटी भी बनाई हुई है।