बरनोटी में जन सुनवाई का आयोजन, स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
कठुआ। मेरथ और नगरोटा गांव में अंबुजा नार्थ प्राइवेट लिमिटेड की ने छह मिलियन टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता के स्टैंडअलोन क्लिंकर ग्राइंडिंग यूनिट स्थापित किए जाने की तैयारी की गई है। इसे लेकर सोमवार को बरनोटी में जन सुनवाई का आयोजन किया गया। इस दाैरान लोगाें ने सवाल उठाए तो वहीं कुछ लोगों ने विरोध भी दर्ज करवाया।
कुल मिलाकर इलाके के पर्यावरण प्रभाव को लेकर चिंतित जनप्रतिनिधियों ने समय पर जनसुनवाई की जानकारी नहीं दिए जाने के आरोप लगाए। जन सुनवाई का आयोजन जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति जम्मू की ओर से पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना 2006 के तहत पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया के तहत किया गया।
जनसेवा संस्थान के अध्यक्ष शशि शर्मा ने कहा कि बड़े स्तर की क्लिंकर इकाई की आवासीय क्षेत्रों के आसपास अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इससे पहले हटली मोड़ मेंे भी इसी तरह से क्लिंकर इकाई खोले जाने का प्रयास किया गया था। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को इसके लिए सजग होना होगा।
उधर, जन सुनवाई की निगरानी अतिरिक्त जिला आयुक्त कठुआ, प्रदूषण नियंत्रण समिति के संभागीय अधिकारी तथा जेकेपीसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से की गई। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों, जन प्रतिनिधियों, पर्यावरणीय हितधारकों तथा सामुदायिक सदस्यों ने भागीदारी दर्ज कराई।
परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय सलाहकारों ने इस अवसर पर विस्तृत पर्यावरण प्रभाव आकलन रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में वायु और जल गुणवत्ता, ध्वनि स्तर, जैव विविधता तथा परियोजना के निर्माण और संचालन के दौरान अपनाई जाने वाली शमन रणनीतियों की जानकारी दी गई। सभी दस्तावेजों और जन अभिप्राय को संकलित कर पर्यावरणीय मंजूरी के लिए संबंधित प्राधिकरण पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजा जाएगा।