संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। नगर परिषद की ओर से एक दिसंबर से डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने का काम शुरु किया जा रहा है। इसके लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया गया है। एक दिसंबर से यह प्रक्रिया शुरु होने जा रही है। परिषद अधिकारियों का कहना है कि कचरा एकत्रित करने के साथ-साथ निजी कंपनी कचरे का निस्तारण भी करेगी। इसके लिए नगर परिषद द्वारा रावी दरिया किनारे बेहड़ियां पत्तन में एमआरएफ (मटीरियल रिकवरी फेसिलिटी) सेंटर बनाया गया है। निजी कंपनी के कर्मचारी खुद कचरे को एकत्रित कर उसे एमआरएफ सेंटर ले जाएंगे और फिर सेग्रीगेशन करेंगे और रि-साइकिल होने वाली वस्तुओं को अलग कर अलग-अलग कंपनियों को भेज दिया जाएगा। इसमें आने वाला सारा खर्च निजी कंपनी वहन करेगी। नगर परिषद ने शर्तों के अनुसार केवल अपनी मशीनरी के इस्तेमाल की ही इजाजत दी है। बता दें, शहर से रोजाना निकलने वाला कचरा लगभग आठ से दस टन है। मासिक स्तर पर यह 250 टन के लगभग रहता है। जबकि, साल भर में कठुआ शहर लगभग तीन लाख टन कचरा उगल रहा है।
सर्वे मुकम्मल, हरियाणा की श्री शाइमा कंपनी को मिला टेंडर
बता दें, नगर परिषद द्वारा हरियाणा की श्री शाइमा कंपनी को टेंडर जारी कर दिया है। कंपनी के कर्मचारी शहर के सर्वे में जुटे हैं। 80 फीसदी सर्वे कंपनी के लोग कर चुके हैं। एक दिसंबर से काम शुरु होगा। परिषद अधिकारियों का कहना है कि कंपनी शहर का सर्वे लगभग मुकम्मल कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि शहर और वार्डों की रूपपेखा सहित अन्य काम को समझने में कंपनी को एक महीना लग सकता है। ऐसे में कुछ वार्डों में काम पहले शुरु करवा दिया जाएगा और फिर पूरे शहर में इसे लागू कर दिया जाएगा।
हर वार्ड में कलेक्शन के लिए कंपनी को देने होंगे हर महीने 47,200
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि टेंडर में यह प्रावधान किया गया है कि डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए ठेकेदार अपने स्तर पर मैन पावर का इंतजाम करेगा। वाहनों की मरम्मत भी कंपनी करवाएगी। इसके अलावा गाड़ियों के ड्राइवर, हेल्पर, सुपरवाइजर समेत मुकम्मल मैन पावर का जिम्मा ठेकेदार का होगा। हर गाड़ी पर जीपीएस सिस्टम लगा होगा। इसकी सुपरविजन नगर परिषद के अधिकारी करेंगे। लोगों से एकत्रित फीस को नगर परिषद लेगी। ठेकेदार को 47,200 रुपये प्रति वार्ड भुगतान भी किया जाएगा।
शहर को बनाया जाएगा गार्बेज फ्री
नगर परिषद कठुआ के कार्यकारी अधिकारी जोधराज ने बताया कि कचरा एकत्रित करने से लेकर उसकी सेग्रीगेशन, निस्तारण का काम ठेकेदार कंपनी ही करेगी। उन्हें केवल मशीनरी के उपयोग की इजाजत दी गई है। हर स्तर पर कर्मचारी, सुपरवाइजर सहित अन्य स्टाफ ठेकेदार अपने स्तर पर तैनात करेगा। एक दिसंबर से कंपनी घर-घर से कचरा कलेक्ट करना शुरु कर देगी।