-जीडीसी कठुआ में ''भ्रष्टाचार के खिलाफ युवा'' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जीडीसी कठुआ की एनएसएस इकाई ने युवाओं को भ्रष्टाचार से निपटने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने के लिए ''भ्रष्टाचार के खिलाफ युवा'' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया। वक्ताओं ने बताया कि यह आयोजन भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और कार्रवाई को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित था। भ्रष्टाचार की पहचान करने, रिपोर्ट करने और उसका मुकाबला करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीमा मीर ने कहा कि भ्रष्टाचार एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है, जो सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास को कम करती है। आर्थिक विकास में बाधा डालती है और लोगों के दैनिक जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। छात्रों को संबोधित करते उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिक प्रभावी रोकथाम और लड़ाई के उपायों को प्रोत्साहित करना और मजबूत करना है। अपराध को रोकने के लिए उपलब्ध तकनीकी सहायता को बढ़ावा देना, सुविधा प्रदान करना और समर्थन करना, जवाबदेही और सुशासन को बढ़ावा देना है। लगभग 20 छात्रों ने अपने विचार प्रस्तुत किए और उनकी राय थी कि भ्रष्टाचार सतत विकास, बढ़ती गरीबी और असमानता के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है।इसलिए, हमें भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता के साथ अखंडता की संस्कृति बनाने के लिए शैक्षिक कार्यक्रमों और सूचना अभियानों का समर्थन करना जारी रखना चाहिए। इस कार्यक्रम के जूरी सदस्य डॉ. कुलबीर सिंह और डॉ. पूनम थे। इस दौरान संगोष्ठी में विशाल गुप्ता ने पहला, स्नेहा शर्मा ने दूसरा और झरना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जबकि मंशा, नंदनी जसरोटिया, मोनिका वर्मा, इकरा कौसर, दीक्षा खजूरिया को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। यह कार्यक्रम प्रिंसिपल जीडीसी कठुआ प्रोफेसर सीमा मीर के संरक्षण और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर मनमोहन सिंह, डॉ. नेहा बंद्राल और डॉ.सुरेश शर्मा की देखरेख में आयोजित किया गया था।