संवाद न्यूज एजेंसी
बसोहली। विश्व प्रसिद्ध बसोहली रामलीला में लंका दहन का मंचन किया गया। अशोक वाटिका से हनुमान को मेघानाथ ब्रह्मपाश में बांधकर लंका ले जाता है। रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूछ में आग लगा दी जाती है। आग लगते ही हनुमान जी उछल-उछल कर सोने की लंका में आग लगा देते हैं और देखते ही देखते पूरी लंका जल जाती है। वहीं लंका को जलता देख राक्षसी सेना में भय छा जाता है। इस दौरान लीला प्रेमियों के जय श्रीराम के जयकारे से पूरा पंडाल गूंज उठता है।
रविवार को बसोहली रामलीला में शबरी व राम का मिलन, किष्किंधा पर्वत पर राजा सुग्रीव से भेंट का मंचन किया जाता है। सुग्रीव से मित्रता के बाद प्रभु राम सुग्रीव को न्याय दिलवाने का भरोसा देते हुए बालि को युद्ध के लिए ललकारने को कहते हैं। जैसे ही बालि सुग्रीव से युद्ध करने के लिए आता है तो वह राम के बाणों का शिकार हो जाता है। राम सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बना देते हैं। इसके बाद सुग्रीव की सेनाएं माता-सीता की खोज के लिए निकल पड़ती है। सागर किनारे पहुंचने पर हनुमान वायु मार्ग से लंका पहुंचते हैं तथा विभीषण की सहायता से सीता माता तक पहुंच जाते हैं। अशोक वाटिका में पहुंचकर हनुमान माता सीता को प्रभु राम की मुद्रिका देते हैं। मेघनाथ हनुमान को ब्रह्मपाश से बांधकर रावण के समक्ष ले जाते हैं। रावण हनुमान की पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है। इसके बाद हनुमान सोने की लंका में आग लगाकर उसे रख कर देते हैं।
बिजली विभाग में कार्यरत सुरजीत चौहान निभाते हैं बालि का किरदार
सुरजीत चौहान जो की बिजली विभाग बसोहली में कार्यरत है वह बीते 36 वर्षों से राजा दशरथ और बालि का किरदार रामलीला में निभा रहे हैं। सुरजीत चौहान ने बताया कि उन्हें बालि का किरदार निभाना काफी अच्छा लगता है क्योंकि उसमें सुग्रीव के साथ दमदार संवाद है और युद्ध भी। उन्होंने बताया कि उनके चाचा रामलीला क्लब से जुड़े हुए हैं उनकी वजह से ही उनका रामलीला में आना-जाना शुरू हुआ था और धीरे-धीरे किरदार भी मिल गया। कभी रावण की सेवा में तो कभी वानर की सेवा में रोल किया करते थे। लंबे समय से इस रामलीला के साथ जुड़े हुए हैं। कई रोल रामलीला में कर चुके हैं।
उत्तराखंड से सुग्रीव का किरदार निभाने बसोहली पहुंचते हैं सुरेश बाली
रामलीला में सुग्रीव का किरदार अदा करने वाले सुरेश बाली पेशे से सिविल इंजीनियर हैं। हर वर्ष इस किरदार को निभाने के लिए उत्तराखंड से छुट्टी लेकर बसोहली पहुंचते हैं। यहां दर्शकों के बीच वह इस दमदार किरदार को अदा करते हैं। सुरेश बाली ने बताया कि वह शुरू से ही सुग्रीव का किरदार अदा कर रहे हैं। करीब 20 वर्ष का समय बीत चुका है। इस किरदार को निभाते हुए सुग्रीव की राम से मित्रता होना और उसके बाद प्रभु राम के नेतृत्व में अधर्म पर धर्म की विजय की कड़ी में आगे बढ़ना इस किरदार को निभाकर और राम को मित्र रूप में प्राप्त कर कर बेहद खुशी और गर्व होता है।