संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ की ओर से आर्या परियोजना के तहत ''मशरूम की खेती'' पर पांच दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम करवाया गया। शेर-ए-कश्मीर युनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नालॉजी के कुलपति प्रोफेसर बीएन त्रिपाठी और डॉ. एसके गुप्ता के निर्देशन में प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इसमें विभिन्न गांवों की कृषक महिलाएं व 30 स्थानीय युवा शामिल हुए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक और कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. अनामिका जामवाल ने मशरूम की खेती के महत्व और दायरे पर व्यापक जानकारी दी। विभिन्न प्रकार के मशरूम जैसे सफेद बटन, ऑयस्टर और मिल्की मशरूम की खेती पर चर्चा की। मशरूम की खेती के लिए खाद तैयार करना, स्पॉनिंग, आवरण, कटाई, पैकेजिंग और विपणन की जानकारी दी। मशरूम की खेती में रोग और कीट प्रबंधन के बारे में बताया। केवीके कठुआ के वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन ने प्रतिभागियों से अपना उद्यम शुरू करने का अनुरोध किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि केवीके कठुआ की टीम परियोजना रिपोर्ट तैयार करने, बैंक के साथ जुड़ने और उभरते उद्यमियों को आगे बढ़ाने तक हर कदम पर उनकी मदद करेगी। डॉ. बर्जेश अजरावत, वरिष्ठ वैज्ञानिक, विस्तार शिक्षा ने किसानों और ग्रामीण युवाओं को समर्थन देने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं पर व्याख्यान दिया और प्रतिभागियों को अपने उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभिन्न सब्सिडी योजनाओं पर भी चर्चा की और उन्हें स्वयं सहायता समूह के गठन के बारे में जागरूक किया।डॉ. आशु शर्मा ने मशरूम उत्पादन के लिए अनुकूल मौसम मापदंडों के बारे में चर्चा की। भाग लेने वाले अन्य लोगों में केवीके कठुआ के डॉ. विशाल शर्मा, डॉ. अजय कुमार, नीरज सिंह, अमित कुमार, पंकज मेहरा और सुशांत शर्मा शामिल थे।