किसानों ने कहा- मौसम में सुधार न हुआ तो फसल को 90 फीसदी तक पहुंच सकता है नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। इलाके में दिन के समय बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं के चलने से मल्हार क्षेत्र में मक्की की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। खेतों में पकी हुई फसल को लेकर किसान काफी चिंतित है। किसान अश्विनी शर्मा, गुलाम हैदर, नरेश कुमार, अमीन लोन, निजामुद्दीन और अन्य ने बताया के एक सप्ताह पूर्व हुई ओलावृष्टि से फसल को नुकसान पहुंचा था, लेकिन रविवार देर शाम को हुई बारिश के साथ-साथ सोमवार को हुई बारिश और तेज आंधी के चलने से खेतों में पकी हुई मक्की की खड़ी फसल खेतों ठह गई है। इससे फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा है। पिछले 6 महीना से खेतों में की गई मेहनत पर पानी फिर गया है।
मक्की की खराब फसल होने को लेकर चिंतित किसानों के अनुसार अगर जल्द मौसम में सुधार नहीं हुआ तो इस वर्ष मक्की की फसल को 90% से अधिक नुकसान पहुंच सकता है। किसानों ने कहा कि इलाके के 95 फीसदी से अधिक लोग किसानी करते हैं और किसानी पर निर्भर रहकर ही अपने परिवारों का पालन पोषण करते हैं। आमतौर पर इलाके के किसान साल में एक ही मक्की की फसल लगते हैं क्योंकि पहाड़ी क्षेत्र में सर्दियों में बर्फबारी के कारण गेहूं आदि फसलों की पैदावार इलाके में नहीं हो पाती है। ऐेसे में साल भर में एक ही फसल लगाकर गुजारा करते हैं। किसानों ने कहा कि ज्यादातर मक्की की फसल खेतों में ठह गई है। इससे किसानों को माल मवेशियों के लिए चारे का प्रबंध करना भी मुश्किल हो जाएगा।उन्होंने बताया कि लगभग 6 महीने पूर्व उन्होंने मक्की की फसल लगाई थी जो सितंबर महीने में लगभग तैयार हो जाती है। इस वर्ष फसल को तैयार होने में अभी कुछ दिन और लगने थे लेकिन उससे पहले ही कुदरत के कहर ने उनके लिए परेशानियों को बढ़ा दिया है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इलाके में हुई मक्की की फसल के नुकसान का आकलन करके पीड़ित किसानों को सहायता राशि प्रदान की जाए। किसानों ने इस संदर्भ में जिला उपयुक्त कठुआ से संज्ञान लेने और पीड़ित किसानों को सहायता प्रदान करने की मांग की है।