फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kathua News: संतान की दीर्घायु की कामना के साथ किया जीवित्पुत्रिका व्रत

Sat, 07 Oct 2023 05:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कठुआ। रोजगार की आस में जम्मू-कश्मीर में आने वाले मध्य भारत के लोगों के पर्व अब स्थानीय लोगों को लुभाने लगे हैं। शुक्रवार को शहर के बरमोरा स्थित नहर के किनारे ज्यूतिया व्रत को रखने वाली व्रती महिलाएं पहुंची तो आसपास से गुजरने वाले लोग उन्हें कौतूहल से देखते रहे। वहीं कुछ महिलाओं ने भी व्रती महिलाओं के पास जाकर उनके इस पर्व की जानकारी ली।
विज्ञापन

तीन दिवसीय व्रत के दूसरे दिन व्रती महिलाओं ने नहर के किनारे जमा होकर पर्व की पारंपरिक पूजन को पूरा किया। इस दौरान महिलाओं ने एक दूसरे को व्रत की कथा भी सुनाई। नहर पर छठ पर्व की तरह ही पूजन करने पहुंची महिलाओं में शामिल मीरा देवी ने बताया कि ज्यूतिया व्रत को माताएं अपनी संतान के दीर्घायु होने के साथ उनकी मंगल कामना के लिए रखती है। तीन दिनों तक चलने वाले इस व्रत को जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि से शुरू होने वाले इस व्रत की शुरूआत नहाय-खाय के साथ होती है। इसमें व्रती महिलाएं स्नान करने के उपरांत पारंपरिक व्यंजन बनाती है और उसे ही ग्रहण करती है। जबकि दूसरे दिन निर्जला व्रत रखा गया है। अब शनिवार को नवमी तिथि में सुबह नहाकर महिलाएं फिर से पारंपरिक व्यंजन बनाएंगी और उसकी को ग्रहण कर व्रत का पारण करेंगी। कथा में मौजूद नीलम देवी और सोना देवी ने बताया कि इस व्रत को रखने वाली माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र, कल्याण के लिए निर्जला उपवास करती हैं। ताकि उनकी संतान दीर्घायु होने के साथ ही तेजस्वी और मेधावी बने। उन्होंने बताया कि मूल रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में मनाए जाने वाले पर्व में व्रती महिला के संतान की रक्षा स्वयं भगवान श्रीकृष्ण करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें