संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। लंबे समय से मानदेय की समीक्षा किए जाने की मांग कर रही मिड-डे-मील वर्करों ने एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद की है। वीरवार को शहर के ड्रीमलैंड पार्क में मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर रही वर्करों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी सुध नहीं ली तो वह स्कूलों में मिड-डे-मील बनाना बंद कर देंगी। उन्होंने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए उनका मानदेय मौजूदा महंगाई को ध्यान में रखते हुए 10 हजार रुपया प्रतिमाह किए जाने की मांग की।
इस मौके पर मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन की प्रधान रेखा देवी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील तैयार करने वाली वर्करों को सरकार द्वारा जो एक हजार रुपया मानदेय दिया जा रहा है। वह किसी भी स्थिति में मौजूदा महंगाई को देखते हुए प्रासंगिक नहीं है। सरकार उनकी सेवा के बदले में जो मानदेय दे रही है वह उसी सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के कानून का उल्लंघन है। एक दिन के 30 रुपये मानदेय में वह लोग अपना परिवार कैसे चलाएं। इसे या तो सरकार उन्हें बताए या फिर उनकी मांग पर गौर किया जाए। वहीं प्रदर्शन में शामिल निशा देवी ने बढ़ती हुई महंगाई का हवाला देते हुए कहा कि सरकार एक तरफ बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओं का नारा देते हुए महिला संरक्षण के प्रति गंभीर होने का ढकोसला करती है। वहीं उसी के राज में महिला मिड-डे-मील वर्करों को अपने हक की लड़ाई के लिए सड़क पर आना पड़ रहा है। क्योंकि सरकार उन्हें महीने भर की सेवा के बदले में जो मानदेय देती है उससे अब गुजारा हो संभव नहीं है। इस मौके पर मिड-डे-मील वर्करों का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय जनता दल के नेता मनोहर डोगरा ने सत्ताधारी भाजपा पर रोष जताते हुए कहा कि गत चुनाव में जम्मू-संभाग के लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर इस पार्टी के 25 विधायक विधानसभा में भेजे थे। जो सरकार रहते समय भी लोगों के हक की लड़ाई लड़ने के बजाए सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने में ही लगे रहे और आज भी जब मिड-डे-मील वर्कर अपने हक की मांग को लेकर सड़क पर उतरी हैं तो इस पार्टी का कोई नेता इनका समर्थन भी करने के लिए सामने नहीं आ रहा है। लेकिन राजद मिड-डे-मील वर्करों के हक की इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है और वह तब तक संघर्ष करेगी। जब तक कि मिड-डे-मील वर्करों के अधिकारों के प्रति सोई हुई सरकार जाग नहीं जाती है। इस मौके पर नीलम देवी, संधू शर्मा, शक्ति देवी, अनीता देवी, निर्मला देवी, रजनी देवी, सुनीता देवी, अंजू देवी, अमिता देवी आदि शामिल रही।