संवाद न्यूज़ एजेंसी
बिलावर। क्षेत्र में मिलीभगत से खनन माफिया सक्रिय हैं। खनन सामग्री की ढुलाई में प्रयुक्त वाहनों की वजह से बिलावर विधानसभा क्षेत्र के कई नदी नालों पर बनाए गए पुलों को क्षति पहुंची है। यह आरोप पूर्व मंत्री डॉक्टर मनोहर लाल शर्मा ने शनिवार को बिलावर के एक दिवसीय दौरे के दौरान पत्रकार वार्ता के दौरान लगाया। पूर्व मंत्री ने कहा कि नाज, उज्ज, भीनी, तलेन बसंतर आदि नदी नालों में बेखौफ खनन किया जा रहा है, जिसकी वजह से नदी और नालों के किनारे बसे कई गांवों की तीन हजार से अधिक कनाल जमीन पानी के तेज बहाव से बह गई है। इससे किसानों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि लगभग 20 दिन पहले आई बाढ़ में बैरल गांव, मुनि गांव और अन्य कई गांवों में कई कनाल जमीन पानी के तेज बहाव में बह गई लेकिन मौजूदा सरकार ने आज तक पीड़ित किसानों की सुध नहीं ली। ट्रैक्टर ट्रालियों और घोड़े खच्चर वालों को नदी नालों से खनन करने के लिए प्रतिबंध लगाया है, लेकिन प्रशासन की मिलीभगत से कई क्रशर अवैध रूप से चल रहे हैं जो नदी नालों में 30 से 40 फीट गहरा खनन कर रहे हैं, जिससे भीनी पुल, नाज पुल, लोडनू पुल को क्षति पहुंची है। नतीजतन कई इलाकों का सड़क संपर्क पिछले कई दिनों से अन्य इलाकों से कटा हुआ है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाया कि यूं तो सरकार 9 साल बेमिसाल के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन जमीनी स्तर पर सरकार लोगों के बुनियादी मसलों को हल करने में विफल हो गई है। पूर्व मंत्री ने कहा कि अगर सरकार ने इलाके में किए जा रहे अवैध खनन का जल्द संज्ञान नहीं लिया तो आने वाले दिनों में सड़कों पर उतर कर उग्र प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने उपराज्यपाल से मांग की कि जिन किसानों की जमीन बाढ़ के कारण बह गई है उनको जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए ताकि किसानी पर निर्भर परिवारों को थोड़ी सी राहत मिल सके। इस मौके पर सरपंच कुलदीप कुमार, सरपंच जगदेव सिंह ,सरपंच रमेश शर्मा, पूर्व सरपंच श्यामलाल सुपौलया, पार्षद सुभाष सिंह, देवेंद्र सिंह सोनू , मोहम्मद महमूद आदि मौजूद रहे।