रोजमर्रा की खरीदारी में 50 प्रतिशत तक घटी सब्जियों की हिस्सेदारी
कठुआ। बरसात में कठुआ शहर के बाजारों में सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं। सुलभ सब्जियां दोगुने भाव पर बिकने का सीधा असर आम उपभोक्ता की रसोई पर पड़ा है। रोजमर्रा की खरीदारी में सब्जियों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत तक घट गई है।
सब्जियों के भाव का सबसे ज्यादा असर बरमोरा थोक मंडी में देखा जा रहा है। यहां आमतौर पर सुबह 10 बजे तक चहल-पहल रहती थी अब आठ बजे तक ही मंडी सिमटने लगी है। दुकानदारों के अनुसार इस मौसम में सब्जियां पहाड़ी इलाकों से आती हैं जिनके परिवहन में भाड़ा अधिक लगता है। बरसात के कारण सड़ने की समस्या भी बढ़ जाती है। ऐसे में सब्जियों का महंगा होना स्वाभाविक है।
सब्जियों के बढ़ते भाव ने आम ग्राहक को इससे दूरी बनाने पर मजबूर कर दिया है। राहत की बात यह है कि आलू, प्याज, लहसुन और मिर्च के भाव अब तक स्थिर हैं वरना गुजारा करना भी मुश्किल हो जाता।
- अनिता शर्मा, स्थानीय महिला
हरी सब्जियों के दाम बढ़ने के बाद से इनकी खपत में भारी गिरावट आई है। इसके चलते सब्जी मंगवाना कम कर दिया है।
- दर्शन कुमार, थोक सब्जी विक्रेता
अब मंडी आना सिर्फ समय बिताने जैसा हो गया है। खरीदार बहुत कम दिखाई देते हैं।
- परीक्षित शर्मा
हर साल बरसात में सब्जियों के दाम बढ़ते हैं। मगर इस बार ग्राहक पूरी तरह से गायब हैं।
- गोल्डी कुमार
एक ओर बाजार में हरी सब्जियों के भाव तेजी से बढ़े हैं। कंडी इलाके में लोगों के घरों में भिंडी, करेला, तरोई, लौकी और खीरा तैयार हो रहे हैं। इसका भी असर सब्जी बाजार पर पड़ा है।
- रोशन, सब्जी विक्रेता
थोक मंडी के भाव
सब्जी 20 दिन पहले भाव अब
भिंडी 45 रुपये 50 रुपये
मटर 65 रुपये 120 रुपये
फली 50 रुपये 90 रुपये
टमाटर 55 रुपये 110 रुपये