कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने ऑनलाइन धोखाधड़ी मामले में फ्रीज एक लाख की राशि को आवेदक के खाते में में जारी करने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार कोर्ट ने साइबर सेल के प्रभारी को को आदेश दिया है कि वह बैंक ऑफ बड़ौदा को सूचित कर फ्रीज राशि को डीफ्रीज कर उसे शिकायतकर्ता के बैंक खाते में स्थानांतरित किया जाए। कोर्ट में दायर आवेदन के मुताबिक परिवर्तन कौशल पुत्र रघू राज निवासी वार्ड 1 बसोहली ने बीते महीने जिला साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। इसमें पीड़ित ने बताया कि बसोहली स्थित जम्मू-कश्मीर बैंक खाते से धोखाधड़ी करने वालों कुल चार ट्रांजेक्शन से उसके खाते से 3.81 लाख की राशि निकाल ली थी। इससे धोखाधड़ी करने वाले ने एक-एक लाख की राशि तीन बार निकाली गई जबकि चौथी ट्रांजेक्शन में 81 हजार की राशि निकाली गई। इसे बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा सियालदह कोलकाता, इंडसइंड बैंक लिमिटेड की शाखा विनम्र खंड लखनऊ और एक्सिस बैंक प्ला हिसार शाखा हरियाणा में ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद जिला साइबर सेल की टीम ने कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी करने वाले के बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा सियालदह कोलकाता को फ्रीज करवा दिया था। जांच के दौरान साइबर सेल ने पाया कि बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में कुल फ्रीज राशि 6 लाख 79 हजार 161 उपलब्ध थी। इसमें से एक लाख की राशि पीड़ित परिवर्तन कौशल की थी। इसी राशि को वापस पाने के लिए पीड़ित ने अदालत से गुहार लगाई थी। इसके बाद कोर्ट ने साइबर सेल के प्रभारी को निर्देश दिया कि एक लाख की राशि को परिवर्तन कौशल के खाते में ट्रांसफर की जाए। शेष 2.81 रुपये की राशि का साइबर सेल पता लगाने में जुटी है। इसके अलावा कोर्ट ने पीड़ित को इस राशि को पाने के लिए शपथपत्र देना होगा कि यदि भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति इस राशि पर दावा करता है और उसे साबित करता है तो वह राशि उसकी है तो उसे इस राशि को अदालत में जमा की जाएगी।