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Kathua News: ऑनलाइन ठगी मामले में फ्रीज राशि जारी करने का दिया आदेश

Thu, 09 Oct 2025 01:33 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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- नौकरी के नाम पर युवक से हुई थी धोखाधड़ी
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कठुआ। जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट ने ऑनलाइन ठगी की फ्रीज एक लाख की राशि को आवेदक के बैंक में जारी करने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार न्यायालय ने एक्सिस बैंक शाखा बेलगाम कर्नाटक को निर्देश दिया है कि संबंधित बैंक निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर एक लाख की राशि पीड़ित के खाते में 30 दिनों के भीतर स्थानांतरित करे। इसके अलावा अदालत ने साइबर सेल को निर्देश दिया कि वह उचित पहचान सत्यापन के बाद ही राशि को पीड़ित को लौटाई जाए।

कोर्ट में दायर आवेदन के मुताबिक शम्मी पॉल पुत्र मुकंद लाल निवासी लोअर महा कठुआ ने बीते महीने जिला साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। इसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वालों ने उसके भारतीय स्टेट बैंक शाखा औद्योगिक इस्टेट कठुआ से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर 1.20 लाख रुपये की राशि निकाल ली थी। इसे दो ट्रांजेक्शन से कुल एक लाख की राशि को एक्सिस बैंक शाखा बेलगाम कर्नाटक में स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद साइबर सेल की टीम ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक से संपर्क कर राशि को फ्रीज करवा दिया था। एक्सिस बैंक बेलगाम में फ्रीज राशि को वापस पाने के लिए शिकायतकर्ता बीते 22 सितंबर को कोर्ट में याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है और अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है इसलिए अदालत को राशि जारी करने का अधिकार नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद यह निर्णय सुनाया कि फ्रीज राशि को 30 दिनों के भीतर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद शिकायतकर्ता को लौटाई जाए। साथ ही कोर्ट ने पीड़ित से शर्त ली कि यदि भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति इस राशि पर दावा करता है और उसे साबित करता है तो वह उस दावे की भरपाई करेगा।
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नौकरी के नाम पर हुई धोखाधड़ी

शिकायतकर्ता के भाई रोहित ने बताया कि यह धोखाधड़ी उसके साथ नौकरी दिलाने के नाम पर की गई। उन्होंने बताया कि मल्टीलेवल ट्रेडिंग और नेटवर्किंग ट्रेडिंग का लाइसेंस बनाने के लिए धोखाधड़ी करने वालों ने उनसे 1.80 लाख रुपये की राशि अपने खाते में डलवा ली। इसमें से 1.20 लाख मेरे भाई (शिकायतकर्ता) के खाते से ट्रांसफर की गई जबकि 60 हजार की राशि रोहित के बैंक खाते से ट्रांसफर की गई थी। उन्होंने रोहित को दिल्ली जॉब के लिए बुलाया तो रोहित ने पाया कि यह सिर्फ और सिर्फ धोखाधड़ी है। इसके बाद उन्होंने 16 सितंबर को इसकी शिकायत जिला साइबर सेल से की। इसके बाद साइबर सेल से धोखाधड़ी करने वालों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया। इसमें से कोर्ट ने एक लाख रुपये वापस दिलाने के लिए आदेश दिया है। शेष राशि को वापस पाने के लिए साइबर सेल की टीम कार्रवाई कर रही है।
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