आरोपी को बयान पर पुनर्विचार के लिए समय दिया लेकिन वह अपने बयान पर अड़ा रहा
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में दोषी को एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी ने जुर्माना मौके पर ही अदा कर दिया।
यह मामला 16 मार्च 2025 को राजबाग इलाके का है। इसमें आरोपी ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाते हुए व्यक्ति को घायल कर दिया था। पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार आरोपी अश्वनी कुमार पुत्र खैरू राम निवासी मढ़ीन पर आरोप था कि वह घटना के दिन वाहन को लापरवाही और तेज गति से चला रहा था।
इसके परिणामस्वरूप शंकर सिदार पुत्र बुधारू सिदार निवासी ओडेकेरा छत्तीसगढ़ गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 281/125(ए)/125(बी) के तहत मामला दर्ज कर चालान को 23 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया।
16 जुलाई को आरोपी के वकील ने कोर्ट में लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में स्वीकारोक्ति बयान दर्ज करवाने का आवेदन किया। इसके अलावा आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि शिकायतकर्ता ने धारा 125(ए)/125(बी) बीएनएस के अंतर्गत अपराधों के लिए अभियुक्त के साथ समझौता कर लिया है। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को बताया कि वह बीएनएस की धारा 281 के तहत स्वीकारोक्ति बयान देने के लिए बाध्य नहीं है। अगर वह ऐसा करते हैं तो बयान उनके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को अपने बयान पर पुनर्विचार के पर्याप्त समय दिया, लेकिन आरोपी अपने बयान पर अड़ा रहा।
दसके बाद कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा अभियुक्त को धारा 125(ए)/125(बी) बीएनएस के अंतर्गत किए गए अपराधों से मुक्त कर चालान का निपटारा कर दिया गया।