जेल अधीक्षक के समक्ष 20 हजार के मुचलके पर जमानत पर रिहा करने का निर्देश
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मोटरसाइकिल चोरी मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार आरोपी को जमानत के लिए जिला जेल अधीक्षक के समक्ष 20 हजार के निजी मुचलके पर जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है।
बशर्ते किसी अन्य मामले में उसकी उपस्थिति आवश्यक न हो। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी को किसी भी तरीके से अभियोजन पक्ष के किसी भी गवाह को प्रभावित न करने के आदेश जारी किए हैं। पुलिस की ओर से कोर्ट दायर रिपोर्ट के अनसुार आरोपी द्वारका प्रसाद पुत्र खेमराज निवासी मढ़ीन को हीरानगर पुलिस ने 19 जून को मोटरसाइकिल चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
आरोपी के वकील ने 16 जुलाई को जमानत याचिका दायर कर आरोपी की रिहाई की अपील की थी। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने कहा कि उसका मुवक्किल निर्दोष है और पुलिस ने उसे झूठे मामले में फंसाया है। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। आरोपी बीते 14 जुलाई से न्यायिक हिरासत में है। लिहाजा उसकी जमानत की अपील कोर्ट से की गई। इसका अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध
किया गया।
अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि चोरी एक संगीन मामला है। अगर आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह गवाहों को धमका सकता है और न्याय प्रक्रिया से भाग भी सकता है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद और पाइल का अवलोकन करने पर पाया कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और गिरफ्तारी के बाद से हिरासत में है। मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस को अब आवेदक की जांच के लिए आवश्यकता नहीं है।