कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने ऑनलाइन ठगी मामले में फ्रीज 40 हजार की राशि को आवेदक के खाते में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। आदेश के अनुसार कोर्ट ने साइबर सेल के प्रभारी को आदेश दिया है कि वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सूचित कर फ्रीज राशि को डीफ्रीज कर उसे शिकायतकर्ता के बैंक खाते में स्थानांतरित किया जाए।
कोर्ट में दायर आवेदन के मुताबिक नरेश बंद्राल पुत्र मुल्तान सिंह निवासी नाऊ चक मढ़ीन ने बीते नवंबर महीने जिला साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें पीड़िता ने बताया कि कठुआ जिले के मढ़ीन स्थित जम्मू-कश्मीर बैंक शाखा के खाते से धोखाधड़ी करने वालों ने पांच ट्रांजेक्शन से उसके खाते से कुल 40 हजार की राशि निकाल ली थी। इस राशि को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा केशरिया जिला पूर्वी चंपारण बिहार में ट्रांसफर किया गया। इसके बाद जिला साइबर सेल की टीम ने धोखाधड़ी करने वाले के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक से बातचीत कर राशि को फ्रीज करवा दिया। पुलिस की जांच के मुताबिक कुल फ्रीज राशि 40 हजार 101 की गई थी। इसमें से 40 हजार की राशि शिकायतकर्ता की है। इसी राशि को वापस पाने के लिए पीड़ित ने अदालत से गुहार लगाई थी। इसके बाद कोर्ट ने साइबर सेल के प्रभारी को निर्देश दिया कि फ्रीज राशि को डीफ्रीज कर नरेश बंद्राल के खाते में स्थानांतरित कर दी जाए। इसके अलावा बैंक को आदेश दिया कि राशि ट्रांसफर से पहले कम-से-कम दो दिन का नोटिस धोखेबाज़ खाते के धारक को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर या ईमेल पर दिया जाए। इसके अलावा कोर्ट ने पीड़ित को इस राशि को पाने के लिए शपथपत्र देना होगा कि यदि भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति इस राशि पर दावा करता है और वह साबित करता है कि यह राशि उसकी है तो उसे इस राशि को अदालत में जमा करना होगा।