कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने सात साल पुराने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने से हुई मौत मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार अभियोजन पक्ष आरोपी की पहचान बतौर चालक साबित करने में असफल रहा। इसके बाद अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
कोर्ट में दायर चालान के अनुसार सड़क दुर्घटना का मामला 30 सितंबर 2018 का है। इसमें आरोपी लखविंदर सिंह जो मोटरसाइकिल पंजीकरण जेके21ई-0038 पर सवार था और उसने मोटरसाइकिल को तेज और लापरवाही से चलाते हुए लोगेट मोड़ स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर अन्य मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। दुर्घटना के समय अन्य मोटरसाइकिल पंजीकरण जेके08सी-1053 को रोमेश सिंह चला रहा था। दुर्घटना में दोनों मोटरसाइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मगर रोमेश सिंह की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरपीसी की धारा 279, 337, 338, 304-ए के तहत और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में चालान को कोर्ट में 24 अप्रैल 2019 को प्रस्तुत किया गया जबकि आरोपी के खिलाफ आरोप तय 11 जुलाई 2019 में तय किए गए थे।
इसमें आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया था और मामले में मुकदमा चलाने की मांग की गई। इसके बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष को मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।