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Kathua News: फिर लौटी 2022 की आफत<bha>;</bha> बौने रह रहे धान के पौधे, किसान चिंतित

Sat, 26 Jul 2025 12:47 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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फिजी वायरस के हमले से सूख रहा धान। स्रोत : जागरूक पाठक
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प्रदेश में धान की फसल पर फिजी वायरस का हमला
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कठुआ। वर्ष 2022 में कठुआ जिले में फसलों के लिए तबाही बनी धान के बौनेपन की बीमारी फिजी वायरस ने प्रदेश में एक बार फिर दस्तक दे दी है। हरियाणा और पंजाब के बाद जम्मू-कश्मीर के पंजाब से सटे इलाकों में फिजी वायरस का प्रभाव फसलों पर दिखना शुरू हो गया है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
कठुआ के भागथली, जगतपुर, हीरानगर के कुछ इलाकों में भी फिजी वायरस का हमला फसल पर हुआ है। शुक्रवार को कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने कुछ इलाकों में जांच कर इसकी पुष्टि भी कर दी है। दअरसल 2022 में पहली बार जम्मू कश्मीर में यह वायरस देखा गया था। मूल रूप से दक्षिण भारत में फसलों पर इस वायरस का हमला होता रहा है।
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विशेषज्ञों के अनुसार अब इसकी दस्तक जम्मू कश्मीर में भी हो गई है। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के प्रमुख डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि धान में फिजी वायरस कुछ इलाकों में पाया गया है जिससे पौधे बौने हो रहे हैं। यह पौधों में लगने वाला एक प्रकार का वायरस है। इसमें व्हाइट बैकड प्लांट हॉपर (तेला) नामक कीट एक से दूसरे पौधे में फैलता है। यह कीट संक्रमित पौधों से रस चूसकर स्वस्थ पौधों में वायरस फैलाता है जिससे धान के पौधे छोटे (बौने) रह जाते हैं। किसान इसे सफेद फुदका कीट या चेपा के नाम से जानते हैं। उन्होंने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों ने इस रोग के कारण की पहचान सदर्न राइस ब्लैक-स्ट्रीक्ड ड्वार्फ वायरस के रूप में की है जिसे फिजी वायरस भी कहा जाता है।
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