कठुआ। प्रस्तावित दो करोड़ 87 लाख रुपये की राशि से बनने वाला जिला विकास परिषद का स्थायी कार्यालय पिछले कई वर्षों से लटका हुआ है। इस साल बजट में जिला विकास परिषद की इमारतों के लिए राशि मंजूर होने से अब इस कार्यालय के भी जल्द तैयार होने की आस बंध गई है।
जिला विकास परिषद के इस कार्यालय का दो बार नींव पत्थर रखा जा चुका है। एक बार केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह तो एक बार खुद प्रदेश के उपराज्यपाल इस निर्माण का काम ई उद्घाटन से शुरू करवा चुके हैं लेकिन आज तक न तो जमीन सही तरह से चिन्हित हो पाई है और न ही कार्यालय का काम शुरू हो पाया है।
ओहदे में भले ही जिला विकास परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का कद जिले में बड़ा हो लेकिन आम लोगों की समस्याओं के निवारण के लिए उन्हें भी जिला अधिकारियों के पास ही चक्कर काटने पड़ते हैं। उधर, उन्हें व्यवस्था में दिया गया कार्यालय भी खस्ताहाल और जिले के आखिरी छोर तक तैयार इमारत में चल रहा है, जहां आम लोग तो पहुंचते ही नहीं हैं। दरअसल, वर्ष 2021 के अक्तूबर महीने की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिलावर से वर्चुअल माध्यम से इस कार्यालय की नींव रखी थी। इसे तैयार करने के लिए खरोट में जगह फाइनल की गई लेकिन फंड के अभाव और कुछ विरोध के चलते काम रुक गया।
जिला विकास परिषद के अध्यक्ष के अधिकारों और प्रोटोकॉल को लागू करने के बीच प्रशासनिक व्यवस्था भी आड़े आती नजर आ रही है। योजनाओं को बनाने के बाद इन्हें मंजूरी देने का अधिकार तक अध्यक्ष के पास नहीं है। कार्यालय में अस्थायी व्यवस्था के तहत एक क्लर्क और एक अर्दली उपलब्ध है, लेकिन प्रोटोकॉल के अनुसार डीडीसी अध्यक्ष का सीईओ नहीं बनाए जाने से उनका रुतबा प्रशासनिक अधिकारियों के आगे फीका ही नजर आ रहा है। ऐसे में लोग भी बैठकों के दौरान डीसी को ही अपनी समस्या बताकर चले जाते हैं। यह सब तब है, जबकि केंद्र और प्रदेश सरकार जम्मू कश्मीर में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के दावे कर रही है। उधर, जिला सचिवालय में भी जिला विकास परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की ओर से मांग रखे जाने के बाद भी कार्यालय की व्यवस्था नहीं की गई है। जिले में जिला विकास परिषद कार्यालय में पंचायती राज से संबंधित कई कार्य होते हैं।
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कार्यालय की दो दो बार ई नींव रखी जा चुकी है लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया है। खरोट में भी जमीन चिन्हित की गई थी लेकिन काम नहीं हुआ। अब प्रशासन हटली मोड़ के पास जमीन उपलब्ध करवा रहा है। इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन से लेकर उच्च अधिकारियों को भी कहा गया है। अपनी समस्याएं लेकर आने वाले लोगों के लिए जिला विकास परिषद का एक स्थायी पता होना जरूरी है।
-सेवानिवृत्त कर्नल महान सिंह,
अध्यक्ष, जिला विकास परिषद, कठुआ