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Kathua News: शर्मिला लौटेगी ससुराल, घायल जनक राज को मिलेगा 4.60 लाख मुआवजा

Sun, 10 Dec 2023 01:02 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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जिला न्यायालय परिसर में चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत में सात बेंच ने निपटाए 641 मामले
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। 11 माह से न्यायालय में चल रहे मामले के चलते अलग रह रही शर्मिला बावा को ससुराल लौटने और सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल जनक राज को 4.60 लाख रुपये का मुआवजा मिलने से बड़ी राहत मिली है। शनिवार को जिला न्यायालय में आयोजित चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत के इन फैसलों पर दोनों ने अदालत का आभार जताया है।

जम्मू-कश्मीर कानूनी सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति ताशी रबस्तान के निर्देश पर कठुआ न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसका उद्घाटन जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कठुआ व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार शवन ने किया। अदालत में कुल 1111 मामले समाधान के लिए उठाए गए, जिनमें से 641 मामलों का निपटारा किया गया। समझौता राशि के रूप में 15523994 रुपये के अवार्ड पास किए गए।
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मामलों के निपटारे के लिए सात न्यायपीठों का गठन किया गया था। एक नंबर बेंच पर अशोक कुमार शवन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कठुआ और सुरिंदर कुमार थापा विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट कठुआ, बेंच नंबर दों में कुसुम पंडिता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कठुआ और चीना सुम्ब्रिया मुंसिफ जेएमआईसी कठुआ, बेंच तीन में स्वाति गुप्ता मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कठुआ और नीना ठाकुर जिला मोबाइल मजिस्ट्रेट कठुआ, बेंच नंबर चार में जीवन कुमार शर्मा मुंसिफ जेएमआईसी बसोहली और अधिवक्ता शुभ कुमार अध्यक्ष बार एसोसिएशन बसोहली, बेंच पांच में ज्योति भगत मुंसिफ जेएमआईसी बिलावर और पूनम गुप्ता सदस्य बिलावर, बेंच नंबर छह में रजनी भगत मुंसिफ जेएमआईसी महानपुर, बेंच नंबर सात में रिंपी रानी, मुंसिफ जेएमआईसी हीरानगर और विजय कुमार अध्यक्ष बार एसोसिएशन हीरानगर शामिल थे। रेखा कपूर निश्चल सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कठुआ ने एडीआर सेंटर जिला न्यायालय परिसर कठुआ में आयोजित चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत का समन्वय किया।
जिले भर में चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न प्रकार के मामले बेंचों के समक्ष रखे गए। इनमें हिंदू विवाह अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम, एमएसीटी मामले, बैंक रिकवरी मामले, आपराधिक कंपाउंडेबल और ट्रैफिक चालान भी शामिल रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिवक्ताओं, वादकारियों, विभिन्न विभागों के लोगों, वरिष्ठ नागरिकों और अशोक लॉ कॉलेज के छात्रों ने भी भाग लिया।



केस नंबर 1 : बेंच ने पति-पत्नी के मनमुटाव को मिटाते हुए बचाया परिवार
वर्ष 2021 में कर्णवीर सूदन के साथ ब्याही शर्मिला बावा के बीच चल रहे तलाक के मामले में लोक अदालत की बेंच नंबर एक के न्यायाधीश अशोक कुमार शवन और सुरेंद्र थापा ने पति-पत्नी के आपसी मनमुटाव को मिटाते हुए टूटते परिवार को बचाया है। मामले में जहां कर्णवीर सूदन के वकीलों अभिषेक खजूरिया और कपिल शर्मा का आरोप था कि उसकी पत्नी पारिवारिक परंपराओं का निर्वहन नहीं कर रही है। शर्मिला बावा की वकील ज्योति द्विवेदी ने भी अदालत के समक्ष अपने मुवक्किल का पक्ष रखते हुए कहा कि उसका पति सेना में होने के बावजूद पत्नी के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है। न्यायाधीश अशोक कुमार शवन और सुरेंद्र थापा ने मामले में कर्णवीर सूदन को प्रतिमाह अपनी पत्नी को खर्च के रूप में 15 हजार रुपये देने व शर्मिला बावा को सुसराल में रहते हुए पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आदेश दिए। तलाक तक पहुंचे चुके इस मामले के निपटारे से एक परिवार टूटने से बच गया।
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केस नंबर 2 : बीमा कंपनी को मुआवजे का आदेश देने के साथ ही निपटा चार साल पुराना मामला
सड़क हादसे के बाद मुआवजे के लिए वर्ष 2019 में न्यायालय पहुंचे नगरी निवासी जनकराज के मामले में वादी के वकील अनिल सिंह अंदोत्रा का पक्ष सुनते बेंच नंबर एक के न्यायाधीश अशोक कुमार शवन और सुरेंद्र थापा ने वादी और बीमा कंपनी के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद का निपटारा करवाने में अहम भूमिका अदा की। उन्होंने बीमा कंपनी को 4.60 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देने के आदेश दिए। इस पर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि और वकील रवि गुप्ता ने सहमति दी। इसके बाद चार साल से चले आ रहे विवाद का अंत हो गया है।
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