कठुआ। प्रदेश के बाहर से आयात होने वाली पोल्ट्री की अब लखनपुर में कायदे से जांच हो सकेगी। इसके लिए विभाग बाकायदा लैब स्थापित करने की कवायद शुरू कर चुका है। उधर, अमर उजाला की ओर से लखनपुर में जांच के नाम पर फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किए जाने के बाद निदेशालय की ओर से जम्मू में बैठने वाले रिंडरपेस्ट कंट्रोल अधिकारी को लखनपुर में रुकने के निर्देश दिए गए हैं। जांच जारी रहने और अगली व्यवस्था तक उन्हें अपनी उपस्थिति लखनपुर में सुनिश्चित रखने और अपनी निगरानी में काम करवाने को कहा गया है।
पंजाब, हिमाचल और हरियाणा के विभिन्न इलाकों से जम्मू-कश्मीर में रोजाना 50 से अधिक पोल्ट्री वाहन दाखिल होते हैं। जम्मू और कश्मीर संभाग में सर्दियों के दौरान पोल्ट्री की मांग और भी बढ़ जाती है। लखनपुर में स्थापित रिंडरपेस्ट चेकपोस्ट को प्रदेश में दाखिल होने वाली पोल्ट्री की जांच के लिए लगभग डेढ़ दशक पहले स्थापित किया गया था। लेकिन समय के साथ यह पोस्ट जांच और सैंपलिंग के नाम पर फर्जीवाड़े का अड्डा बन गई। हालात यह थे कि किस गाड़ी से कौनसा मुर्गा पोल्ट्री वाहन का चालक लेकर आया और बाद में उसकी पहचान करना भी मुश्किल था, क्योंकि इन्हें एक ही बाड़े में डाल दिया जाता रहा। शनिवार को इसकी जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचीं निदेशक डॉ. शुभ्रा शर्मा ने अनियमितताओं पर जांच शुरू कर दी है। स्टाफ को फौरी तौर पर बदल भी दिया गया है। वहीं स्टॉफ की निगरानी अब अगली व्यवस्था तक वेटरनरी सहायक सर्जन की जगह रिंडरपेस्ट कंट्रोल अधिकारी की जिम्मेदारी की गई है। अधिकारी के अनुसार जल्द ही इमारत में सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित कर दिए जाएंगे।