कठुआ। चार दिन पहले हुई भारी बर्फबारी के बावजूद इस वर्ष ग्रेफ की टीम मौसम से हार मानने को तैयार नहीं है। बनी-भद्रवाह मार्ग पर कई जगह डेढ़ से दो फुट तक बर्फबारी दर्ज की गई है। ऐसे में चुनौती से निपटना ग्रेफ ने शुरू कर दिया है। सड़क से बर्फ हटाने के साथ ही निर्माणाधीन ढांचों से भी बर्फ साफ करने का काम तेजी से किया जा रहा है। शुक्रवार को बनी-भद्रवाह के बीच सड़क संपर्क फिर से बहाल हो गया है। सरथल से छत्रगलां टॉप के बीच सड़क से बर्फ हटाने का काम पूरा हो गया है। साथ ही पहाड़ों की कटाई के काम में भी तेजी लाई गई है।
ग्रेफ के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल दोनों ओर से काम को फिर से तेजी लाने की कोशिश की जा रही है। सरथल से छत्रगलां टॉप तक बर्फ हटाने का काम पूरा होने के साथ ही क्षेत्र में काम को हर परिस्थिति में जारी रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। 69 आरसीसी के सीईओ शैलेंद्र कुमार ने बताया कि इसके बाद इस सड़क मार्ग पर चल रहे तीन महत्वपूर्ण पुलों के काम को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क की सरफेसिंग का काम सरथल की ओर भी जारी है। बताया कि तापमान में भारी गिरावट के चलते अधिक आउटपुट की उम्मीद तो नहीं है फिर भी जहां तक संभव हो सके इस काम को तय समयावधि में पूरा करने के लिए कोशिशें जारी हैं।
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनी-भद्रवाह सड़क विस्तारीकरण कार्य पिछले लगभग डेढ़ दशक से जारी है। मौसम की विकट परिस्थितियों और अन्य दिक्कतों को देखते हुए इस सड़क परियोजना को पूरा करने की डेडलाइन पहले भी कई बार बढ़ चुकी है। पहले 2017, फिर 2019 और फिर 2021 में इस परियोजना को पूरा करने के वादे होते रहे हैं, लेकिन फिलहाल यह परियोजना पूरा करने में अभी दो वर्ष और लगने की संभावना है। फारेस्ट क्लीयरेंस से लेकर सड़क की एलाइनमेंट में विभागों के तालमेल की कमी की वजह भी इस परियोजना की देरी का एक बड़ा कारण रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सतसर से लेकर सरथल के बीच हार्ड रॉक होने के साथ ही धूप की कमी के चलते तापमान माइनस में है, ऐसे में काम में दिक्कतें भी बढ़ती जा रही हैं। सुबह काम जहां देरी से शुरू होता है तो वहीं दोपहर तक ही समेटना पड़ता है।
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बसोहली से पुल डोडा तक 180 किलोमीटर लंबा बनेगा नेशनल हाईवे
एक ओर जहां ग्रेफ बनी-भद्रवाह सड़क विस्तारीकरण कार्य में जुटी हुई है। वहीं केंद्र सरकार ने बसोहली-भद्रवाह मार्ग को सैद्धांतिक रूप से नेशनल हाईवे के रूप में मंजूरी दे दी है। इसमें आने वाले छत्रगलां टनल भी काफी महत्वपूर्ण है, चूंकि इससे इस सड़क मार्ग की दूरी और भी कम होगी। छत्रगलां टनल से 26 किलोमीटर की दूरी कम होगी। ऐसे में सरथल के इलाकों को भी बेहतर विकास मिलने का अनुमान है। रोजगार के साधनों के सृजन का भी बनी-भद्रवाह मार्ग बड़ा साधन बन सकता है।