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Snowfall in Kathua: पहाड़ों के रिहायशी इलाकों में मौसम की पहली बर्फबारी

Tue, 15 Nov 2022 11:44 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ

सार

जिला कठुआ के अधिकतर पहाड़ों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। नवंबर महीने के पहले पखवाड़े के अंत में हुई बर्फबारी से पारा भी लुढ़क गया है।
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जिले के पर्यटन स्थल सरथल में सोमवार को बिछी बर्फ की चादर। संवाद - फोटो : KATHUA
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विस्तार
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कठुआ/बनी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को जिले के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई। बनी सब डिवीजन के रिहायशी इलाकों में सीजन की यह पहली बर्फबारी थी, जिससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ। बनी सब डिवीजन के स्कूलों को प्रशासन ने खराब मौसम के चलते बंद रखा। उधर, मैदानी इलाकों में सुबह से ही रुक रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। दिन में बादल छाए रहने और शीतलहर के चलते मैदानी इलाकों में सर्दी की दस्तक महसूस हो गई है।
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सोमवार को जिला के अधिकतर पहाड़ों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। नवंबर महीने के पहले पखवाड़े के अंत में हुई बर्फबारी से पारा भी लुढ़क गया है। कई इलाकों में हिमपात का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। मैदानी इलाकों में शाम तक रुक रुक कर बारिश जारी रही। बनी और लोहाई मल्हार के इलाके में ताजा हिमपात के बाद मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरा जिला कड़ाके की सर्दी की चपेट में चला गया है।

शाम ढलते तक एक बार फिर सर्दी ने जोर पकड़ लिया। ठिठुरन बढ़ने के साथ ही बाजारों में गरम कपड़ों की बिक्री ने जोर पकड़ लिया है। बनी के ढ़ग्गर, डुग्गन, संदरूण, सरथल, छत्रगलां, कमलेऊ गलां, भंडार, त्रंगोट, रौलका, टिटवा, भुलड़ी, भंडार आदि इलाकों में सोमवार को हिमपात हुआ। वहीं बिलावर उपजिला के लोहाई मल्हार और आसपास के इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई। एकाएक हुई बारिश के चलते बनी सब डिवीजन के कुछ इलाकों में समेटने से पहले ही मक्की बर्फ में दब गई है, जिससे कुछ किसानों को नुकसान भी झेलना पड़ा है। खराब मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र के स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए।
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कई इलाकों में बिछी एक से दो फुट तक बर्फ की मोटी चादर

बनी सब डिवीजन के रिहायशी इलाकों में मौसम की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। नुकनाली, छत्रगलां और सरथल समेत भंडार के पहाड़ी इलाकों में कई जगह एक से दो फुट तक बर्फ की चादर बिछ गई है। पहाड़ी इलाकों में लोगों ने मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए खाने-पीने के सामान की पहले से ही स्टाकिंग शुरू कर दी थी। उधर, प्रशासन ने भी अपने तौर पर इंतजाम सुनिश्चित कर लिए हैं। एसडीएम बनी सतीश कुमार ने बताया कि बनी कस्बे को छोड़कर दूर दराज के रिहायशी इलाकों में हिमपात हुआ है, लेकिन किसी भी तरह के जान माल की सूचना नहीं है। हालांकि टीमों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाकों में राशन की आपूर्ति से लेकर मिट्टी का तेल और घरेलू गैस की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को मैदानी इलाकों में साढ़े पांच एमएम बारिश दर्ज की गई तो वहीं दिन और रात का तापमान भी लगभग एक जैसा ही रहा। सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस तो वहीं न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी के बीच तापमान में भी भारी गिरावट आई है। बनी और मल्हार के इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तो रात का न्यूनतम तापमान में माइनस दो डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।

बनी भद्रवाह सड़क विस्तारीकरण काम रहा ठप

बारिश और बर्फबारी के चलते बनी भद्रवाह मार्ग पर सड़क विस्तारीकरण कार्य एक बार फिर ठप हो गया। छत्रगलां टाप से लेकर खडकल के बीच हुई भारी बर्फबारी के चलते काम नहीं हुआ। छत्रगलां और भद्रवाह के बीच भी अच्छी बर्फबारी दर्ज की गई है। छत्रगलां टॉप पर दो फुट तक बर्फ गिर चुकी है तो आसपास सरथल की वादी ने भी एक फुट तक बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। ग्रेफ के अधिकारियों ने बताया कि बर्फबारी थमने के बाद जल्द से जल्द बर्फ हटाकर काम को शुरू करने की कोशिश की जाएगी। मौसम विभाग के अनुसार अगले दस से पंद्रह दिनों के बीच फिलहाल मौसम के ज्यादा बिगड़ने की संभावना नहीं है।
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