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Kathua News: पांच साल बाद शुरु होगा कठुआ का इंटरस्टेट बस स्टैंड, पंजाब सहित अन्य राज्यों तक जाने की मिलेगी सुविधा

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कठुआ। निर्माण के पांच साल बाद कठुआ के लोगों को इंटरस्टेट बस स्टैंड का लाभ मिलने जा रहा है। जिला प्रशासन और आरटीओ विभाग ने कठुआ से गुजरने वाली सभी बसों को इंटरस्टेट बस स्टैंड पर जाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
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अधिकारियों का दावा है कि अगले दो माह में लोगों को पठानकोट या अन्य राज्यों की ओर जाने के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। इस बाबत जिला उपायुक्त ने आरटीओ को निर्देश जारी किए हैं। मौजूदा हालात यह हैं कि सवा छह लाख की आबादी वाला कठुआ जिला मुख्यालय राज्य परिवहन के नक्शे से गायब है। यहां से किसी भी रूट पर एक भी सरकारी बस नहीं चल रही है, जबकि निजी ऑपरेटरों की 300 बसें रोजाना जम्मू रूट पर चल रही हैं। लेकिन, कठुआ से पठानकोट या अन्य राज्यों की ओर जाने के लिए प्राइवेट बस भी नहीं है। ऐसे में लोगों को कालीबड़ी, लखनपुर में सड़क किनारे खड़े होकर बस लेनी पड़ती है। इसके लिए भी लोग बस चालक की मर्जी पर निर्भर हैं। 10 में से एक बस ही कालीबड़ी में रुकती है। ऐसे में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें पठानकोट सहित अन्य राज्यों को जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
बता दें, पांच साल से अंतरराज्यीय बसों के रुकने के लिए आईएसबीटी की बिल्डिंग बनकर तैयार है। लोगों को इसका लाभ मिलने का अब भी इंतजार है। पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर जीएमसी कठुआ के समीप अंतरराज्यीय बस अड्डे में सुविधाएं प्रदान करने के लिए स्थानीय निकाय विभाग ने छह साल पहले निर्माण शुरू किया था। इसके तहत वहां पर बड़ा शॉपिंग कांप्लेक्स बन कर तैयार है। स्टाफ के लिए कार्यालय, चालकों के बैठने के लिए अलग सुविधा के अलावा यात्रियों के लिए प्रतीक्षा हाल आदि बन चुका है। बसों की पार्किंग के लिए भी सुविधा है। इसके अलावा शौचालय, पीने के पानी आदि की सुविधा से अंतरराज्यीय बस अड्डा पूरी तरह लैस है। बस स्टैंड पर बनाई सभी दुकानों की नीलामी भी हो चुकी है। जहां पूरा बाजार लगता है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों में इच्छाशक्ति की कमी से पूरा प्रोजेक्ट सफेद हाथी बन चुका है।
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जिले में कहीं भी अंतरराज्यीय बसों का नहीं है स्टॉपेज
जिला कठुआ में अभी तक कहीं भी अंतरराज्यीय बसों का स्टॉपेज नहीं है। जम्मू-कश्मीर का प्रवेशद्वार होने के चलते लखनपुर में बाहरी राज्यों की बसों के चालक अपनी मर्जी से बसें रोकते हैं, दशकों से चली आ रही व्यवस्था के चलते सवारियों को लखनपुर से बस और चालकों को सवारियां मिलने की उम्मीद रहती है। इसके चलते लगभग हर राज्य से आई बस चंद मिनटों के लिए लखनपुर में रुकती हैं। इसके अलावा, इसी नेशनल हाईवे पर स्थित कालीबड़ी, हटली मोड़, चड़वाल, दयालाचक, हीरानगर में कहीं कोई स्टॉपेज नहीं है, जबकि अंतरराज्यीय बसों का परिचालन इसी हाईवे से होता है। दूसरे राज्यों को जाने वाले लोगों को या तो लखनपुर जाना पड़ता है या फिर हाईवे किनारे खड़े रहकर बस का इंतजार करना पड़ता है। बस आने पर चालक अपनी मर्जी से ही बस रोकते हैं। ऐसे में इस अंतरराज्यीय बस स्टैंड के बनने से जिले के लोगों को आस जगी थी। जहां यात्रियों को दिन-रात बस यात्रा करने की सुविधा भी मिलने वाली थी।
पठानकोट रोडवेज की इकलौती बस के सहारे शहरवासी
पठानकोट रोडवेज की इकलौती बस पठानकोट बस स्टैंड से चलकर बमियाल, नरोट जैमल सिंह, नगरी, कठुआ, कालीबड़ी से होकर वापस पठानकोट जाती है। सरकारी सुविधा की बात करें तो पठानकोट जाने के लिए यही इकलौती बस है जिस पर शहर की सवा लाख और जिले की सवा 6 लाख आबादी निर्भर है। जम्मू-कश्मीर स्टेट रोड ट्रांस्पोर्ट ने आज तक कठुआ के लोगों की सुध नहीं ली। कठुआ से पंजाब के लिए चलने वाली बसें कोरोना काल के दौरान बंद हुई और दोबारा नहीं चल पाईं।
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कोट
कठुआ के लोगों को रोडवेज की सुविधा देने के लिए सरकार ने कभी भी गंभीरता नहीं दिखाई। कठुआ के लोगों को लावारिस छोड़ दिया गया है। जिसके कारण लोग निजी ट्रांसपोर्ट पर ही आश्रित हैं। कोरोना से पहले पंजाब रोडवेज की कुछ बसें चलती थीं, जो वाया नरोट जैमल सिंह कठुआ आती थीं और कुछ लखनपुर कठुआ आती थीं, लेकिन कोरोना के बाद से ये सेवाएं भी बंद हो गई हैं। अब लोग सिर्फ निजी वाहनों पर ही आश्रित हैं।
-देवेंद्र सिंह बढ़वाल, पूर्व अध्यक्ष, सीनियर सिटीजन एसोसिएशन

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कठुआ में सरकारी बस सेवा का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। फिल्हाल इंटरस्टेट बस स्टैंड को शुरु करने की योजना से शहर को काफी लाभ मिलेगा। अब लोगों को कालीबड़ी में इंतजार नहीं करना पड़ेगा या फिर लखनपुर में जाकर बस लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

-मदन लाल, दुकानदार

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-जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट के नक्शे में ही कठुआ जिला शायद शामिल नहीं किया गया है। लेकिन, अब अगर इंटरस्टेट बस स्टैंड को शुरू किया जा रहा है तो यह हर शहरवासी के लिए राहत की बात है। जिला उपायुक्त की इस पहल से शहर के लोगों को बसों के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।
-सुखदेव सिंह, सोशल एक्टिविस्ट

आरटीओ को दिए गए हैं निर्देश : जिला उपायुक्त
इंटरस्टेट बस स्टैंड लंबे समय से बनकर तैयार है। उसे शुरु करवाने के लिए आरटीओ कठुआ को निर्देशित किया गया है। संभवत अगले दो माह में लोगों को इंटरस्टेट बस स्टैंड की सुविधा मिल जाएगी।
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डॉ. राकेश मिन्हास, जिला उपायुक्त
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