कठुआ। शहर के शिवानगर में संदिग्ध परिस्थितियों में घर में आग लगने से हुए हादसे में जान गंवाने वाली 17 वर्षीय गंगा और 15 वर्षीय दानिश को वीरवार को न सिर्फ परिवार और मोहल्ले के लोगों बल्कि उनके सहपाठियों ने भी अश्रुपूर्ण विदाई दी।
दानिश के सहपाठी उनके अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचे। मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की। लेकिन खुद के आंसू और भावनाओं को नहीं रोक पाए। बच्चों का रो रोकर बुरा हाल था। गंगा 11वीं कक्षा में पढ़ती थी जबकि दानिश नौवीं कक्षा का छात्र था। सहपाठियों ने बताया कि दानिश हमारे साथ पढ़ता था। फोन पर इस दुखदायी खबर को देखकर यकीन ही नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने अपनी मैडम से फोन पर बात की तो पता चला कि ऐसा हादसा हुआ है। बच्चों ने बताया कि एक दिन पहले दानिश उनके साथ था। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि अगले ही दिन ऐसा हो जाएगा।
यह कहते हुए बच्चों की आंखों में आंसू आ गए। वे एक-दूसरे को ढांढस बांधते नजर आए। बच्चों का दुख देखकर खुद की भावनाओं को संभाल रहे लोगों के आंखाें में भी आंसू आ गए। स्कूली बच्चों ने गंगा और दानिश के घर के बाहर दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।