जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बादल फटने से सात लोगों की मौत और 12 घायल हो गए, साथ ही भारी तबाही मची है। किश्तवाड़ के चिशोती क्षेत्र में बचाव कार्य के लिए सेना ने ऑल-टेरेन वाहनों की मदद से राहत अभियान तेज कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बादल फटने की तीन अलग-अलग घटनाओं ने तबाही मचा दी है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।
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बाढ़ की वजह से सड़कों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। सड़कें, पुल, इमारतें, बिजली के खंभे, कृषि भूमि और अन्य जरूरी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। राहत और बचाव कार्यों में कई चुनौतियां आ रही हैं क्योंकि कई रास्ते पूरी तरह बह गए हैं।
वहीं किश्तवाड़ जिले के चिशोती इलाके में भी बचाव अभियान तेजी से चल रहा है। राहत कार्यों में ऑल-टेरेन ऑफ-रोड वाहनों को लगाया गया है। ये वाहन किसी भी मौसम और किसी भी प्रकार के इलाके में चलने में सक्षम हैं।
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हेड ऑफ प्रोडक्शन, जयपाल सिंह ने बताया, हमने सेना की मदद के लिए ये विशेष वाहन मंगवाए हैं। इनकी लोडिंग क्षमता 1200 किलोग्राम है और ये किसी भी इलाके में आसानी से चल सकते हैं। कई लोग मलबे में दबे हुए हैं, कुछ को बचा लिया गया है और राहत कार्य तेजी से जारी है। प्रशासन और बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं कि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और हालात पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके।