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Kathua News: एक डॉक्टर के सहारे सिर्फ ओपीडी सेवा दे रहा महात्मा गांधी अस्पताल

Wed, 23 Jul 2025 01:53 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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शहर के बीचोबीच स्थापित 50 बैड का जच्चा-बच्चा अस्पताल खुद बीमार, मरीज परेशान
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कठुआ। शहर के बीचोबीच बना महात्मा गांधी जच्चा-बच्चा अस्पताल खुद बीमार दिखाई देने लगा है। सूरत-ए-हाल यह है कि अस्पताल में एकमात्र डॉक्टर होने के कारण उसकी सेवाएं ओपीडी तक ही सीमित होकर रह गई हैं।
अस्पताल में नाम के अनुरूप न तो बच्चों की विशेषज्ञ चिकित्सा की कोई व्यवस्था है और न ही जच्चा की देखभाल का कोई प्रबंध। इसके चलते शहर का पहला जच्चा-बच्चा अस्पताल धीरे-धीरे अपनी उपयोगिता खोता जा रहा है। जिला अस्पताल को शहर से बाहर स्थापित करने के बाद खाली इमारत में वर्ष 2015 में जहां 50 बैड का जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाकर यहां चार विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती भी की गई थी।
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साल 2019 में जैसे ही जिले को राजकीय मेडिकल कॉलेज मिला तो यहां से ज्यादातर डाॅक्टरों को या तो ट्रांसफर कर दिया गया या उनका संलग्न जीएमसी कठुआ में कर दिया गया। हालांकि फाइलों में आज भी जच्चा-बच्चा अस्पताल होने के बावजूद यहां कभी भी स्वास्थ्य विभाग ने विशेषज्ञ डाॅक्टरों की तैनाती नहीं की।
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वर्तमान हालात यह हैं कि एकमात्र उपलब्ध डाॅक्टर सिर्फ दिन के समय में सिर्फ ओपीडी सेवाएं ही दे पा रही हैं। अन्य डॉक्टर को इस अस्पताल को 24 घंटे कार्यात्मक बनाने के लिए संलग्न किया हुआ था उसे भी दो महीने पहले यहां से बनी उपजिला अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके चलते रात के समय सिर्फ पैरा मैडिकल स्टाफ की मदद से कार्यात्मक बनाया जा रहा है। अगर रात के वक्त आपातकालीन स्थिति में कोई मरीज आ भी जाता है तो उसे तुरंत जीएमसी कठुआ रेफर कर दिया जाता है।डॉक्टरों की कमी स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में है। हाल ही निदेशक स्वास्थ्य जम्मू दौरे पर कठुआ पहुंचे थे तो डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उनके भी संज्ञान में लाया गया था। हालांकि उन्होंने अस्पताल साफ-सफाई पर संतुष्टि व्यक्त की थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द न केवल इस अस्पताल में, बल्कि जिले के अन्य उपजिला अस्पतालों सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की उपलब्धता करवाई जाएगी।
- विजय रैना, जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
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