प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर नौ सितंबर से 15 सितंबर 2025 तक चलाए जा रहे विशेष अभियान सप्ताह के तहत, कश्मीर मेटल्स नामक निजी औद्योगिक इकाई ने सराहनीय पहल करते हुए कठुआ जिले के 30 टीबी मरीजों को गोद लिया है। इस पहल के तहत मरीजों को पोषणयुक्त खाद्य सामग्री की टोकरी वितरित की गई, जिसमें जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राधा कृष्ण की उपस्थिति रही।
जिला टीबी कार्यालय के अनुसार इकाई की यह पहल न केवल सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि टीबी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। गोद लिए गए मरीजों को पोषण और देखभाल प्रदान कर उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ राधाकृष्ण ने बताया कि यह अभियान 9 सितंबर 2022 को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा वर्चुअली लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाना है। इस अभियान के तहत निक्षय मित्र के रूप में कोई भी व्यक्ति, संस्था, उद्योग, छात्र या संगठन स्वेच्छा से टीबी मरीजों को गोद ले सकता है और कम से कम छह महीने तक उन्हें भोजन, जांच और व्यावसायिक सहायता जैसी सेवाएं प्रदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की भागीदारी से टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी और मरीजों को सामाजिक सहयोग व सम्मान भी मिलेगा।