कठुआ। शहर से सटे लोगेट गांव में श्रीमद्भागवत कथा का आगाज हो गया। शुक्रवार से शुरू होने वाली कथा से पूर्व भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। कथाव्यास रामस्वरूप आचार्य महाराज के सानिध्य में निकली कलश यात्रा में भक्तों का उत्साह चरम पर देखने को मिला।
गांव के रामलीला मैदान में बनाए गए कथा स्थल से शुक्रवार को यह कलशयात्रा निकाली गई। ढोल नगाड़े के बीच भक्तों की ओर से लगाए जा रहे जयघोष और भजन संकीर्तन से माहौल भक्तिमय हो गया। पूरे गांव का भ्रमण करने के उपरांत कलश यात्रा गांव के मुख्य तालाब पर पहुंची, जहां पूजा-अर्चना के साथ कलशों को बावली के पवित्र जल से भरा गया और उसके बाद भक्त आयोजन स्थल पर पहुंचे। जहां विधि विधान से पूजन के बाद कलश की स्थापना की गई।
कथाव्यास रामस्वरूप आचार्य ने प्रवचनों में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से एक जन्म नहीं अपितु हमारे कई जन्मों के पापों का नाश होने के साथ ही हमारे शुभ कर्मों का उदय होता है। इसके श्रवण मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त होकर शांत व स्थिर हो जाता है। उन्होंने कहा कि नारद जी ने भक्ति देवी के कष्ट की निवृत्ति के लिए श्रीमद् भागवत कथा का साप्ताहिक अनुष्ठान हरिद्वार में किया था। जहां संतकुमारों ने भागवत का प्रवचन करते हुए नारद के मन का संशय दूर किया।