बावा लाल दयाल मंदिर से निकाली गई कलश यात्रा
- शहर के वार्ड 19 में भव्य कलशयात्रा के साथ आदियोगी धाम आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के वार्ड नंबर 19 स्थित आदियोगी धाम आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ किया गया। बाव लाल दयाल जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य होने वाले इस आयोजन के तहत आश्रम परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
शनिवार को बैंड-बाजे के साथ निकाली गई कलश यात्रा में शामिल भक्तजनों की ओर से किए गए जयघोष और भजन संकीर्तन से माहौल भक्तिमय हो गया। कलश यात्रा शहर के काॅलेज रोड से होती हुई शहर के प्राचीन बावलियों पर पहुंची। यहां पूजा-अर्चना के साथ कलशों को बावली के पवित्र जल से भरा गया और वापस आश्रम में यात्रा आकर संपन्न हुई। जहां विधिविधान से पूजन के बाद कलश की स्थापना की गई।
कथा व्यास आदियोगी गौतम महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मानव जीवन में एक जन्म नहीं अपितु हमारे कई जन्मों के पापों का नाश हो जाता है। कथा के प्रभाव से भक्त के अंदर शुभ कर्मों का उदय होता है और जीव जन्म व मरण के बंधन से मुक्त होकर शांत व स्थिर हो जाता है। कहा कि नारद जी ने भक्ति देवी के कष्ट की निवृत्ति के लिए श्रीमद्भागवत कथा का साप्ताहिक अनुष्ठान हरिद्वार में किया था। जहां संतकुमारों ने भागवत का प्रवचन करते हुए नारद के मन का संशय दूर किया।
इसी कथा को धुंधकारी प्रेत ने अपने अग्रज से श्रवण किया और प्रेत मुनि से योनि से मुक्ति पाकर विष्णु लोक को प्राप्त हुए। कथा व्यास ने कहा कि भगवत श्रवण से जीव के सभी पाप कर्म मिट जाते हैं। भगवान विष्णु कहते हैं कि जो मेरी कथा कहता और करवाता है उसके इस लोक के सभी कष्टों का वह हरण करते हैं और अंत में उसे बैकुंठ में वास मिलता है।